नगर निगम चुनाव से पहले धनबाद पुलिस में बड़ा फेरबदल, खतरे में 10–12 थानेदारों की कुर्सी !

नगर निगम चुनाव से पहले धनबाद पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल तय माना जा रहा है। 10–12 थानेदारों के ट्रांसफर की चर्चा, खराब परफॉर्मेंस और ‘प्रेम प्रसंग’ में उलझे अफसरों पर गिर सकती है गाज।

नगर निगम चुनाव से पहले धनबाद पुलिस में बड़ा फेरबदल, खतरे में 10–12 थानेदारों की कुर्सी !
काम नहीं तो कुर्सी नहीं।
  •  एक्टिव अफसरों को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
  • खराब परफॉर्मेंस, क्राइम कंट्रोल में ढिलाई बरत रहे अफसरों पर गिर सकती है गाज

धनबाद।(Threesocieties.com Desk)। नगर निगम चुनाव से पहले कोयलांचल धनबाद जिला पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिले के 10 से 12 थाना प्रभारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग तय माना जा रहा है। खराब परफॉर्मेंस वाले थानेदारों को हटाकर एक्टिव और परिणाम देने वाले अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

यह भी पढ़ें: धनबाद: मारवाड़ी युवा मंच झरिया ने सेवा का रचा इतिहास, 22 जनवरी को निःशुल्क स्वास्थ्य, नेत्र जांच व रक्तदान शिविर

सूत्र बताते हैं कि क्राइम कंट्रोल, केस डिस्पोजल और वारंट-कुर्की निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर एसपी की नजर टेढ़ी है। नगर निगम चुनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।

 किन इलाकों में होगा बड़ा बदलाव?

फेरबदल की आंच धनबाद, निरसा, बाघमारा और सिंदरी अनुमंडल के कई थानों तक पहुंच सकती है। खासतौर पर शहरी और संवेदनशील थाना क्षेत्रों के लिए एक्टिव और तेज तर्रार अफसरों की तलाश की जा रही है। धनबाद पुलिस स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण थाने के लिए बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड वाले इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी देने की चर्चा है। इसको लेकर एसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारियों से फीडबैक लिया जा सकता है।

हालांकि, पुलिस कप्तान प्रभात कुमार की कार्यशैली को देखते हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग की तारीख का अनुमान लगाना मुश्किल है। इससे पहले भी कई बार अचानक आदेश जारी कर सभी को चौंकाया जा चुका है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि आने वाले आदेश से कई अफसरों की किस्मत तय हो जाएगी—कौन बचेगा, कौन जायेगा।

डीएसपी की मदद से लॉबिंग तेज

अपनी बड़ी पहुंच का दावा करने वाले एक डीएसपी अपने करीबी पुलिस इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टरों को थानेदारी दिलाने के लिए सक्रिय लॉबिंग कर रहे हैं।संबंधित अफसरों की सफलता का गुणगान कर रहे हैं। साइबर थाना सहित कई थानों के दारोगा और जेएसआई भी बेहतर कुर्सी की तलाश में जुटे हुए हैं।

“प्रेम रोग” में फंसे थानेदार की कुर्सी खतरे में

सिंदरी अनुमंडल के एक थानेदार का कथित प्रेम प्रसंग इन दिनों पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि रात के समय काले शीशे लगी कार से संदिग्ध आगंतुकों का आना-जाना विभाग में सवाल खड़े कर रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह थानेदार पुलिस विभाग की अंदरूनी खामियों की जानकारी विपक्षी नेताओं तक पहुंचा रहा है, जिससे वह खुद जिला पुलिस के लिए “विभीषण” बना हुआ है। इस कारण उसकी कुर्सी पर सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है।

चुनाव से पहले सख्ती के संकेत

नगर निगम चुनाव को देखते हुए धनबाद पुलिस प्रशासन फुल एक्शन मोड में है। साफ संदेश है— ???? काम नहीं तो कुर्सी नहीं। ढिलाई बरतने वालों की छुट्टी तय।आने वाले कुछ हफ्ते यह साफ कर देंगे कि कौन थानेदार सिस्टम में फिट बैठता है और कौन बाहर का रास्ता देखेगा।