बीसीसीएल में कोयला चोरी और अवैध खनन पर बड़ा एक्शन प्लान, CMD मनोज अग्रवाल ने अपनाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति
बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन में सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अवैध खनन, कोयला चोरी रोकने, ICCC को मजबूत बनाने और बीसीसीएल-CISF समन्वय को बेहतर करने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
HighLights:
- बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन में सुरक्षा समीक्षा बैठक
- सुरक्षा व्यवस्था और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई
- ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) को और सशक्त बनाने पर जोर
- बीसीसीएल और CISF के बीच बेहतर समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा
- अवैध खनन और कोयला चोरी रोकने के लिए नई रणनीति पर मंथन
- राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति के सख्त अनुपालन के निर्देश
धनबाद(Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल मुख्यालय स्थित कोयला भवन में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कंपनी के निदेशकगण, वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा), डीआईजी, सीआईएसएफ, महाप्रबंधक (सुरक्षा), महाप्रबंधक (ई एंड एम) सहित सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधकों ने भाग लिया।
यह भी पढ़ें: " MP ढुलू महतो को MLA अरूप चटर्जी का खुला चुनौती, बोले- कोयला चोरी की जांच कराएं, सच सामने आ जाएगा"
बीसीसीएल में सुरक्षा व्यवस्था की हुई व्यापक समीक्षा, कोयला चोरी और अवैध खनन रोकने पर विशेष फोकस
धनबाद: देश की महत्वपूर्ण कोयला उत्पादक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा और कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को बीसीसीएल मुख्यालय स्थित कोयला भवन में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कंपनी के निदेशकगण, वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा), डीआईजी, सीआईएसएफ, महाप्रबंधक (सुरक्षा), महाप्रबंधक (ई एंड एम) तथा सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों तथा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने आधुनिक निगरानी तंत्र, डिजिटल मॉनिटरिंग और त्वरित सूचना प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि कोयला क्षेत्रों में किसी भी अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा बीसीसीएल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। अधिकारियों का मानना है कि दोनों एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ने से कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा और प्रभावी होगी तथा अवैध खनन एवं कोयला चोरी जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
बैठक में अवैध खनन और कोयला चोरी को बीसीसीएल के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा बीसीसीएल की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कंपनी की 'शून्य सहिष्णुता' (Zero Tolerance) नीति का प्रभावी और सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
बीसीसीएल प्रबंधन का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी, सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय और कड़े प्रशासनिक कदमों के जरिए कोयला चोरी और अवैध खनन जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।






