बिहार को नितिन गडकरी का मेगा गिफ्ट! पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे समेत करोड़ों की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बड़ी सौगात देते हुए मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन, पटना एलिवेटेड रोड, पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे समेत कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
HighLights:
- मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन सड़क और पटना एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी
- पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को मिला समर्थन
- गंगा के उत्तरी तट पर नई सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा
- बिहार की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
क्सप्रेसवे परियोजनाओं से बदलेगी राज्य की तस्वीर
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): बिहार के सड़क और आधारभूत संरचना विकास को नई उड़ान देने की दिशा में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की कई महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी और सकारात्मक सहमति मिली है।
यह भी पढ़ें:धनबाद में 16 किलो गांजा के साथ दो तस्कर दबोचे, बलियापुर पुलिस की बड़ी कामयाबी
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary और पथ निर्माण मंत्री Kumar Shailendra ने भाग लिया। इस दौरान राज्य की कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने वाली परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन और पटना एलिवेटेड रोड को मंजूरी
बैठक में NH-22 के तहत 82.58 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी दी गई। यह सड़क उत्तर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और नेपाल सीमा तक आवागमन को आसान बनाएगी।इसके साथ ही राजधानी पटना में सरिस्ताबाद से दीदारगंज तक 13.41 किलोमीटर लंबे छह लेन एलिवेटेड और एट-ग्रेड रोड निर्माण परियोजना को भी स्वीकृति मिली है। इससे शहर में जाम की समस्या कम होने और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा गेम चेंजर
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 244.96 किलोमीटर लंबे छह लेन पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NE-9) को मिली हरी झंडी रही। यह एक्सप्रेसवे बिहार के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों को राजधानी से तेज और आधुनिक सड़क नेटवर्क के जरिए जोड़ेगा।इसके अलावा काँकी से लेरुआ तक प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड राजमार्ग परियोजना पर भी सहमति बनी है, जिससे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच यातायात और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी सकारात्मक संकेत
समीक्षा बैठक में गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं पर भी सकारात्मक आश्वासन मिला। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर से बेहतर तरीके से जुड़ सकेगा।
लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
बैठक में NH-122 के तहत मुजफ्फरपुर-बरौनी सड़क, NH-139 के चौड़ीकरण, राम जानकी मार्ग, NH-333 के बरियारपुर-जमुई खंड, गंगटा जंगल क्षेत्र में तीन लेन विस्तार, NH-333A, दरभंगा-सुपौल हाईवे और गंडक नदी पर नए एलिवेटेड पुल जैसे लंबित मामलों पर भी जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
गंगा के उत्तरी तट पर बनेगी नई सड़क
बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु से जहानवी चौक और अगवानी घाट होते हुए पटना तक गंगा के उत्तरी तट पर सड़क निर्माण का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव भी रखा गया। यह परियोजना मुंगेर से सबौर तक गंगा किनारे बन रही सड़क की तर्ज पर विकसित की जाएगी और उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए नई लाइफलाइन साबित हो सकती है।
राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार में निवेश, उद्योग, पर्यटन और व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही यात्रा का समय घटेगा और माल ढुलाई की लागत कम होगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से इन सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बिहार के सड़क नेटवर्क में यह बदलाव आने वाले वर्षों में राज्य के विकास की नई कहानी लिख सकता है।






