झारखंड यूथ कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष की होगी नियुक्ति! अध्यक्ष कुमार गौरव की वापसी संभव नहीं
झारखंड यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव पर अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद संगठन में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनका पद होल्ड कर दिया है और उन्हें आधिकारिक ग्रुपों से भी हटा दिया गया है। अब संगठन में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की तैयारी चल रही है।
Highlights
- झारखंड यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव का पद फिलहाल होल्ड पर रखा गया
- ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस और झारखंड के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से हटाए गए
- संगठन में जल्द एक या दो कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति संभव
- कुलदीप कुमार रवि और सौरभ अग्रवाल के नाम चर्चा में सबसे आगे
- राष्ट्रीय नेतृत्व ने फिलहाल कुमार गौरव को सभी संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखा
नई दिल्ली/रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ सोनू सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से होल्ड पर रखने के बाद संगठन ने उन्हें गतिविधियों से भी लगभग पूरी तरह अलग कर दिया है। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस और झारखंड यूथ कांग्रेस के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुपों से भी उन्हें हटा दिया गया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि उनकी वापसी की संभावनाएं बेहद कमजोर पड़ चुकी हैं।
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सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के निर्देश पर अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ असहयोगात्मक व्यवहार के आरोपों को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व ने यह कदम उठाया है।
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कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी
संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि झारखंड यूथ कांग्रेस में जल्द ही एक या दो कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति की जा सकती है। यदि दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाते हैं तो वर्तमान प्रदेश कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार रवि और उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल को जिम्मेदारी मिल सकती है।
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बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं को करीब छह महीने तक संगठन चलाने का मौका दिया जा सकता है, जिसके बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर किसी एक को स्थायी प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं यदि केवल एक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है तो वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार रवि का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है।
दिल्ली में भी नहीं मिली राहत
सूत्र बताते हैं कि अनुशासन समिति की रिपोर्ट आने के बाद कुमार गौरव को नई दिल्ली तलब किया गया था। वे कई जिला अध्यक्षों के साथ राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने पहुंचे थे। कहा जाता है कि बैठक के दौरान कुछ जिला अध्यक्षों से प्रदेश प्रभारी के खिलाफ अपनी राय रखने को कहा गया, लेकिन कई जिला अध्यक्षों ने उल्टा प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव के कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए। धनबाद के कुछ नेताओं ने भी दिल्ली पहुंचकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। खास बात यह रही कि ये नेता कुमार गौरव के करीबी माने जाते थे। इन्ही नेताओं ने कुमार गौरव का पद होल्ड किये जाने की सूचना मीडिया तक पहुंचायी है।
धनबाद विवाद बना कार्रवाई की बड़ी वजह
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत धनबाद में आयोजित होने वाले यूथ कांग्रेस के जनाक्रोश मार्च की तैयारियों के दौरान हुई थी। 8 जून 2026 को नीट पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रदेश प्रभारी नवनीत कौर दो दिन पहले ही धनबाद पहुंच गई थीं। इसी दौरान 7 जून को धनबाद परिसदन में प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव के बीच तीखी बहस और कहासुनी होने की खबर सामने आई। मामला बढ़ने के बाद इसकी शिकायत राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची, जिसके बाद अनुशासन समिति ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुमार गौरव का पद होल्ड करने का निर्णय लिया।
राष्ट्रीय नेतृत्व का सख्त संदेश
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि आगामी आदेश तक कुमार गौरव प्रदेश अध्यक्ष के अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे और न ही संगठन के किसी आधिकारिक कार्यक्रम में भाग ले पाएंगे। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि झारखंड यूथ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय हो चुका है और आने वाले दिनों में संगठन को नया चेहरा मिल सकता है। ऐसे में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति और उसके बाद स्थायी अध्यक्ष के चयन पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
(नोट: संगठन की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह जानकारी संगठन से जुड़े सूत्रों और आंतरिक चर्चाओं पर आधारित है।)






