25 शादियां, करोड़ों की ठगी! मेट्रोमोनियल साइट्स का 'महाठग दूल्हा' ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार

महाराष्ट्र पुलिस ने 25 महिलाओं से शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने वाले महाठग अनुज कुमार त्रिवेदी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नामों से विवाह कर महिलाओं को निशाना बनाता था। पुलिस ने लग्जरी कार, फर्जी आधार कार्ड और अन्य सबूत बरामद किए हैं।

25 शादियां, करोड़ों की ठगी! मेट्रोमोनियल साइट्स का 'महाठग दूल्हा' ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार
शादी का झांसा, प्यार का नाटक और करोड़ों की लूट।

      HighLights

  • 25 से अधिक महिलाओं को शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी
  • विकलांग, तलाकशुदा और असहाय महिलाओं को बनाता था निशाना
  • कई फर्जी नामों और पहचान पत्रों का करता था इस्तेमाल
  • ठाणे की एक महिला और उसकी बेटी से 97 लाख रुपये की ठगी

मुंबई (Threesocieties.com Desk): शादी जैसे पवित्र रिश्ते को ठगी का हथियार बनाने वाले एक शातिर अपराधी का चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है। महाराष्ट्र पुलिस ने ऐसे महाठग दूल्हे को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर 25 से अधिक महिलाओं को शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवासी अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी के रूप में हुई है, जिसे महाराष्ट्र और यूपी पुलिस के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्षों से मेट्रोमोनियल वेबसाइटों, अखबारों के वैवाहिक विज्ञापनों और सामाजिक संपर्कों के जरिए महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। वह विशेष रूप से शारीरिक रूप से विकलांग, तलाकशुदा, विधवा और मानसिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था।

कई नाम, कई पहचान और एक ही मकसद- ठगी

जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद गुप्ता जैसे कई फर्जी नामों का इस्तेमाल करता था। हर नई महिला के सामने वह खुद को अलग पहचान और बेहतर आर्थिक स्थिति वाला व्यक्ति बताता था। सहानुभूति और भरोसा जीतने के बाद वह शादी कर लेता और फिर पैसों, गहनों और संपत्तियों पर कब्जा जमाने की कोशिश करता था।

ठाणे की महिला की शिकायत से खुला बड़ा राज

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में 75 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि आरोपी ने 'अजय अग्रवाल' बनकर उनकी 45 वर्षीय बेटी से 2019 में शादी की थी। शादी के बाद आरोपी ने परिवार को मीरा रोड स्थित फ्लैट बेचने के लिए राजी किया। उसने लखनऊ में नया फ्लैट खरीदने और दो मंजिला मकान बनवाने का सपना दिखाया। इसी बहाने उसने अलग-अलग किश्तों में 82 लाख रुपये नकद हासिल कर लिए। इतना ही नहीं, फरवरी 2022 में उसने रिश्तेदार की शादी का बहाना बनाकर महिला को दिल्ली बुलाया और रेलवे स्टेशन पर 33 तोला सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। बाद में उसका मोबाइल बंद मिला और वह लापता हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इस परिवार से कुल 97 लाख रुपये की ठगी की।

ठगी के पैसों से खरीदी लग्जरी कार

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने ठगी की रकम से लगभग 20 लाख रुपये की लग्जरी कार खरीदी थी। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। साथ ही आरोपी के बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि ठगी की पूरी रकम का पता लगाया जा सके।

बेटा भी निकला साझेदार

मामले की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का बेटा उसके फर्जीवाड़े और ठगी के नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था। पुलिस ने उसे भी सह-आरोपी बनाया है। अधिकारियों का मानना है कि पिता-पुत्र की जोड़ी लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रही थी।

फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद

गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 'जयप्रकाश गुप्ता' नाम का फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। डिजिटल डिवाइस की जांच से और भी पीड़ितों और लेनदेन का खुलासा होने की संभावना है।

अमरावती में भी दर्ज है मामला

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी महाराष्ट्र के अमरावती जिले में भी वांछित था। वहां उसने 'अजय संतोष सिंह' बनकर एक महिला से करीब 25 लाख रुपये की ठगी की थी। इस खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि देश के कई राज्यों में उसके खिलाफ इसी तरह के मामले दर्ज हो सकते हैं।

पुलिस ने पीड़ितों से आगे आने की अपील की

मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस के अधिकारियों ने आरोपी के जाल में फंसे अन्य लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि जितने अधिक पीड़ित सामने आएंगे, उतनी ही मजबूती से आरोपी के खिलाफ केस तैयार किया जा सकेगा।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह देश के सबसे बड़े वैवाहिक ठगी नेटवर्क में से एक हो सकता है, जिसमें कई महिलाओं की भावनाओं और जीवनभर की जमा-पूंजी को निशाना बनाया गया।