धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले में बढ़ते जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए धनबाद प्रशासन ने जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
और भी पढ़ें
- झारखंड में CHO के 1,038 पदों पर भर्ती, 31 अक्टूबर से आवेदन; ₹40 हजार तक सैलरी
- बाइनेंस पर 6.3 अरब डॉलर की सेंध! 20 मिनट में 10 ब्लॉकचेन से उड़े फंड
- 61.67 करोड़ के विवाद में छत्तीसगढ़ के संजय-सचिन अग्रवाल को राहत, जेल से हुए रिहा
- MP ढुलू महतो की पहल: धनबाद में जाम से मिलेगी मुक्ति, 9 रेल फाटकों पर बनेंगे ROB-RUB
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिले में पेयजल संकट को दूर करने और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए एगारकुंड, कलियासोल तथा धनबाद प्रखंड कार्यालय के आसपास DMFT मद से बड़े तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। इससे वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले वर्षों में जल उपलब्धता बेहतर होगी।
जल सेवा ऐप से होगी निगरानी
उपायुक्त ने स्वास्थ्य, शिक्षा समेत सभी विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे जिला प्रशासन द्वारा विकसित 'जल सेवा ऐप' का उपयोग कर अपने क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों की शिकायत दर्ज कराएं। इससे खराब जल स्रोतों की मरम्मत में तेजी लाई जा सकेगी और आम लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पेयजल व्यवस्था का होगा सर्वे
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया गया कि वे विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी संस्थानों में पेयजल व्यवस्था का सर्वे कराएं। जहां भी पानी की समस्या सामने आए, वहां तत्काल समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर फटकार
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान FHTC (Functional Household Tap Connection) एंट्री नहीं करने पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, धनबाद के कनीय अभियंता को उपायुक्त ने फटकार लगाई और कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
स्वच्छता के क्षेत्र में भी होंगे बड़े बदलाव
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उपायुक्त ने सभी BDO को अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायतों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमदान और जनभागीदारी के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए।इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में मॉडल सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC) और वेस्ट-टू-आर्ट पार्क (सैनिटेशन पार्क) निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन करने का निर्देश दिया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और कचरे के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
विद्यालयों में बनेगा भष्मक
बैठक में उच्च विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर 15वें वित्त आयोग की राशि से भष्मक (Incinerator) निर्माण हेतु योजनाओं को स्वीकृत करने का निर्देश भी दिया गया। इससे विद्यालय परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, पीएचईडी-1 एवं पीएचईडी-2 के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
धनबाद प्रशासन के इन फैसलों को जिले में जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि योजनाएं समय पर धरातल पर उतरती हैं तो आने वाले वर्षों में जिले को जल संकट से काफी राहत मिल सकती है।