चंदनकियारी की बदलेगी तस्वीर: पर्वतपुर-सीतानाला कोल ब्लॉक को मिला खनन पट्टा, हजारों रोजगार का रास्ता साफ

झारखंड सरकार ने बोकारो के चंदनकियारी स्थित पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के खनन पट्टे को मंजूरी दे दी है। इससे हजारों रोजगार, औद्योगिक विकास, दुगदा वाशरी के पुनरुद्धार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

चंदनकियारी की बदलेगी तस्वीर: पर्वतपुर-सीतानाला कोल ब्लॉक को मिला खनन पट्टा, हजारों रोजगार का रास्ता साफ
JSW को मिली राहत।

       Highlights

  • चंदनकियारी क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
  • JSW स्टील को वर्ष 2023 में नीलामी के जरिए मिले थे दोनों कोल ब्लॉक
  • दुगदा कोल वाशरी को मिलेगा स्थायी कच्चा कोयला, उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी
  • सड़क, बिजली, जलापूर्ति और स्थानीय व्यापार में भी विकास की उम्मीद

बोकारो (Threesocieties.com Desk): वर्षों से लंबित पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक परियोजना को आखिरकार नई रफ्तार मिल गई है। झारखंड सरकार द्वारा दोनों कोल ब्लॉकों के खनन पट्टे को मंजूरी दिए जाने के बाद चंदनकियारी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। इस फैसले को क्षेत्र के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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खनन पट्टा मिलने के बाद अब जेएसडब्ल्यू स्टील के लिए दोनों परियोजनाओं में उत्पादन शुरू करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इससे न केवल कोयला उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि लंबे समय से बंद पड़ी दुगदा कोल वाशरी के पुनर्जीवन की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं।

चंदनकियारी में खुलेगा रोजगार का नया द्वार

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि परियोजना शुरू होने के बाद हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। खनन गतिविधियों के साथ-साथ परिवहन, मशीनरी संचालन, ठेका कार्य, होटल व्यवसाय, सुरक्षा सेवाओं और छोटे व्यापारों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र को आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास की नई दिशा देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय से रुकी विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रयास लगातार जारी है।

2966 एकड़ से अधिक क्षेत्र में होगा खनन

कैबिनेट की मंजूरी के बाद पर्वतपुर कोल ब्लॉक के 2174.52 एकड़ और सीतानाला कोल ब्लॉक के लगभग 792 एकड़ क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश आने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को विश्वास है कि वर्षों से कागजों में अटकी यह परियोजना अब धरातल पर दिखाई देगी।

उतार-चढ़ाव भरा रहा पर्वतपुर कोल ब्लॉक का सफर

पर्वतपुर कोल ब्लॉक का इतिहास कई प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं से होकर गुजरा है। वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने इसकी संचालन और प्रबंधन जिम्मेदारी कोल इंडिया लिमिटेड को सौंपने का निर्णय लिया था। उस समय अनुमान लगाया गया था कि खदान चालू होने पर करीब चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है।

करीब नौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस ब्लॉक को भूमिगत खनन मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई गई थी ताकि आसपास के गांवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। हालांकि, विभिन्न नीतिगत और कानूनी अड़चनों के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। पहले सेल, फिर बीसीसीएल और अंततः वर्ष 2023 में नीलामी प्रक्रिया के जरिए यह ब्लॉक जेएसडब्ल्यू स्टील को आवंटित किया गया।

दुगदा वाशरी को मिलेगा स्थायी कच्चा कोयला

खनन पट्टा मिलने का सबसे बड़ा लाभ दुगदा कोल वाशरी को मिलने वाला है। पांच वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ी इस वाशरी को पुनः चालू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। वर्तमान में इसकी सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 20 लाख टन वाश्ड कोल है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 40 लाख टन तक करने की योजना बनाई गई है।

पर्वतपुर और सीतानाला परियोजनाओं से निकलने वाला कोकिंग कोल सीधे दुगदा वाशरी को आपूर्ति किया जाएगा। इससे वाशरी के लिए स्थायी फीड सुनिश्चित होगी और कोयले की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि खदान और वाशरी दोनों के संचालन की जिम्मेदारी एक ही कंपनी के पास होने से उत्पादन, परिवहन और प्रसंस्करण की पूरी श्रृंखला अधिक प्रभावी और लागत-कुशल बनेगी।

बोकारो-धनबाद कोल बेल्ट को मिलेगा नया औद्योगिक बल

विशेषज्ञों के अनुसार, दुगदा वाशरी और दोनों कोल ब्लॉकों का संचालन शुरू होने से बोकारो-धनबाद कोल बेल्ट में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही देश के इस्पात उद्योग को गुणवत्तापूर्ण वाश्ड कोकिंग कोल उपलब्ध होगा, जिससे आयातित कोयले पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। पर्वतपुर-सीतानाला परियोजना को केवल एक खनन परियोजना नहीं, बल्कि चंदनकियारी और आसपास के क्षेत्रों के लिए रोजगार, निवेश और आर्थिक बदलाव के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।