Madhya Pradesh : कंट्रेक्ट पर नौकरी और सैलरी 30 हजार, असिस्टेंट इंजीनियर Hema Meena के पास सात करोड़ की संपत्ति

मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन भोपाल में कंट्रेक्ट पर नियुक्त असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा के पास सात करोड़ से अधिक संपत्ति है। लोकायुक्त की रेड में 30 हजार रुपये सैलरी पाने वाली इंजीनियर के पास तीन सौ गुणा अधिक संपत्ति पायी गयी है। 

Madhya Pradesh :  कंट्रेक्ट पर नौकरी और सैलरी 30 हजार, असिस्टेंट इंजीनियर Hema Meena के पास  सात करोड़ की संपत्ति
असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा (फाइल फोटो)।
  • लोकायुक्त पुलिस का रेड
  • 150 व कुत्ते व 20 कारों का काफिला

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन भोपाल में कंट्रेक्ट पर नियुक्त असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा के पास सात करोड़ से अधिक संपत्ति है। लोकायुक्त की रेड में 30 हजार रुपये सैलरी पाने वाली इंजीनियर के पास तीन सौ गुणा अधिक संपत्ति पायी गयी है। 

यह भी पढ़ें:भाकपा माओवादी ने 15 मई को झारखंड-बिहार समेत कई स्टेट में की बंद की घोषणा
भोपाल डिग्री कालेज के सामने बिलखिरिया इलाके में स्थित घर, नजदीक में ही स्थित फार्म हाउस और आफिस पर गुरुवार को लोकायुक्त की टीम ने रेड मारा। टीम ने सात करोड़ से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा किया है। हेमा मीणा ने दो एकड़ जमीन पर 20 हजार वर्गफीट में आलीशान फार्म हाउस बना रखा है। 30 लाख रुपये की टीवी लगा रखी है। गिर नस्ल की 70 गायें, महंगी नस्ल के 65 श्वान (कुत्ते) भी पाले हुए हैं। फार्म हाउस के गेट पर चौकीदार वाकी-टाकी के जरिए एक दूसरे से बात करते थे।

फार्म हाउस से 10 कारें भी बरामद
लोकायुक्त की रेड के दौरान मीणा के फार्म हाउस से 10 कारें भी बरामद हुई हैं। करोड़ों रुपये के कृषि उपकरण, साढ़े 10 लाख का सोना, आठ हजार की चांदी और 70 हजार रुपये कैश मिले हैं। तीन डिजिटल वीडियो रिकार्डर (डीवीआर) और महंगी शराब की बोतलें भी बरामद की गई हैं। लोकायुक्त के अ्फसरों का कहना है कि कई दस्तावेज भी जब्त किये गये हैं। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार कंट्रेक्टर पर नौकरी करने वाली सहायक इंजीनियर हेमा मीणा का मासिक वेतन 30 हजार रुपये है। उसने 13 साल की नौकरी में आय से 232% अधिक संपत्ति अर्जित कर रखी है। वेतन के हिसाब से हेमा की संपत्ति ज्यादा से ज्यादा 18 लाख रुपये होनी चाहिए थी। 

40 कमरे वाला एक करोड़ का बंगला

असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा अपने पिता के नाम 20 हजार वर्गफीट जमीन पर बने 40 कमरों के बंगले में रहती है। इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। 20 हजार वर्गफीट में फैले कैंपस में मौजूद दर्जनों कमर्चारियों से बात करने लिए हेमा मीणा वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करती थी। लोकायुक्त पुलिस के रेड में संविदा इंजीनियर के बंगले से रोटी बनाने की भी मशीन मिली है। 2.50 लाख रुपये की इस मशीन का इस्तेमाल कुत्तों के लिए रोटी बनाने में होता है। 
बंगले में लग्जरी आइटम्स की भरमार 
हेमा मीणा के बंगले में लग्जरी आइटम्स की भरमार थी। इंजीनियर के एक कमरे से 30 लाख रुपये का टीवी सेट बरामद हुआ है। फिलहाल टीवी सेट का इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ था। बॉक्स में पैक ही मिला। दो ट्रक, एक टैंकर और महिंद्र थार समेत 10 महंगी गाड़ियां भी इंजीनियर के बंगले से बरामद की गई हैं।   

13 साल पहले संविदा पर लगी थी नौकरी
हसबैंड से डाइवोर्स ले चुकी हेमा मीणा रायसेन जिले के चपना गांव की रहने वाली है। वर्ष 2011 में उसकी कंट्रेक्ट पर नौकरी लगी थी। वह मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर पोस्टेड हैं।

रेड में बरामद संपत्ति 
भोपाल के नजदीक बिलखिरिया में बंगला, फॉर्म हाउस, लाखों के कृषि उपकरण, डेयरी फार्म 
फॉर्म हाउस पर हाउसिंग बोर्ड के लाखों के सरकारी उपकरण 
फार्म हाउस पर कई विदेशी नस्ल के डॉग (पिटबुल, डाबरमैन)
लगभग 60-70 अलग-अलग ब्रीड की गायें 
टीवी, सीसीटीवी मॉनिटर, अलमारी, ऑफिस टेबल, रिवॉल्विंग चेयर 
फार्म हाउस में बना एक विशेष कमरा, 
कमरे में महंगी शराब, सिगरेट जैसी चीजें मौजूद
2 ट्रक, 1 टैंकर, थार समेत महंगी 10 गाड़ियां 

आय के अनुपात में 232 प्रतिशत अधिक संपत्ति

लोकायुक्त एसपी मनू व्यास के अनुसार हेमा मीणा के विरुद्ध वर्ष 2020 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी। इस पर लोकायुक्त में जांच प्रकरण पंजीबद्ध किया। जांच में पाया गया कि हेमा मीणा द्वारा अपने पिता रामस्वरूप मीणा के नाम पर बिलखिरिया में दो एकड भूमि क्रय कर उस पर लगभग एक करोड़ मूल्य का भवन निर्माण किया है। भोपाल, रायसेन एवं विदिशा में विभिन्न गांवों में कृषि भूमि खरीदी। मीणा की आय के अनुपात में 232 प्रतिशत अधिक संपत्ति होना पाया गया। बता दें कि मीणा को विभागीय परीक्षा और साक्षात्कार के बाद पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में संविदा पर सहायक यंत्री के रूप में तैनाती मिली थी। वह सबसे पहले 2010 से 2013 तक अपने पद पर रहीं, बाद में 2016 से 2023 तक लगातार रही हैं। बीच में वह नौकरी छोड़ना चाह रही थीं, लेकिन विभाग के एक इंजीनियर के कहने पर रुक गई थीं।

पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का वर्क
मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन पुलिस स्टेशन, चौकियों और पुलिस आवास निर्माण कराने का काम रहता है। पिछले कुछ समय से कारपोरेशन को खेल विभाग के निर्माण करवाने का कार्य मिलना भी शुरू हो गया है। हेमा मीणा की ड्यूटी इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी की रहती थी। जबकि, उनके ऊपर परियोजना यंत्री, मुख्य परियोजना यंत्री रहते थे। इन इंजीनियर्स के ऊपर पुलिस अधिकारी तैनात हैं।