झारखंड: धनबाद में GST का बड़ा घोटाला, फर्जी कंपनी बनाकर 12 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

धनबाद में GST चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी कंपनी बनाकर 12 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा, राज्य कर विभाग की जांच में बोगस इनवॉइस और फर्जी ई-वे बिल का खुला खेल।

झारखंड: धनबाद में GST का बड़ा घोटाला, फर्जी कंपनी बनाकर 12 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
कंपनी के सभी लेन-देन पूरी तरह संदिग्ध।

धनबाद।(Threesocieties.com Desk)। झारखंड के धनबाद जिले में राज्य कर विभाग ने GST चोरी के एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि “मनीष इंटरप्राइजेज” नाम की एक फर्जी कंपनी बनाकर करीब 12 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई है। यह कंपनी केवल कागजों पर अस्तित्व में थी और इसके जरिए बोगस इनवॉइसिंग व फर्जी ई-वे बिल के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया गया।

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राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सत्यापन के दौरान पाया कि यह कंपनी राजकुमार सिंह के नाम से पंजीकृत थी। प्रारंभिक जांच में कंपनी के सभी लेन-देन पूरी तरह संदिग्ध पाये गये हैं।

 पते पर नहीं मिली कंपनी, रेंट एग्रीमेंट भी निकला फर्जी

राज्य कर विभाग के अनुसार मनीष इंटरप्राइजेज का जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरसा के तेतुलिया क्षेत्र के एक पते पर कराया गया था। जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची तो वहां कोई कंपनी मौजूद नहीं पाई गई।मकान मालिक ने स्पष्ट रूप से बताया कि उसके यहां कभी किसी कंपनी का संचालन नहीं हुआ। अधिकारियों द्वारा दिखाए गए रेंट एग्रीमेंट को भी मकान मालिक ने फर्जी बताते हुए सिरे से नकार दिया।

सीमेंट-लोहा से कोयला कारोबार तक, बोगस कारोबार का जाल

जांच में सामने आया कि कंपनी ने शुरुआत में सीमेंट, लोहा और छड़ के व्यापार का हवाला देकर जीएसटी पंजीकरण कराया था। बाद में इसमें कोयले के व्यापार को भी शामिल कर लिया गया। इसी आड़ में बड़े पैमाने पर ई-वे बिल जनरेट किए गए और बोगस इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये का फर्जी ITC क्लेम किया गया।

एडवांस्ड एनालिटिकल टूल्स से पकड़ा गया घोटाला

राज्य कर अधिकारियों ने बताया कि विभाग के एडवांस्ड एनालिटिकल टूल्स के माध्यम से कंपनी के असामान्य टर्नओवर, संदिग्ध लेन-देन और ITC पैटर्न को चिन्हित किया गया था। इन संकेतों के आधार पर जब विस्तृत जांच शुरू की गई तो 12 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला उजागर हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर घोटाले की राशि और बढ़ सकती है।

GST रजिस्ट्रेशन रद्द, FIR की तैयारी

राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि मनीष इंटरप्राइजेज का GST रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जायेगी। इसके अलावा इस कर चोरी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।

???? पहले भी खुल चुका है फर्जी कंपनियों का मामला

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही धनबाद में 10 फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 3 करोड़ रुपये की GST चोरी का खुलासा हुआ था।
इन कंपनियों का भी कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था और ये सिर्फ कागजों पर चल रही थीं।
राज्य कर विभाग ने संदेह के आधार पर 56 कंपनियों की जांच शुरू की थी, जिसमें से 10 कंपनियां पूरी तरह फर्जी पाई गईं।

???? राज्य कर विभाग का सख्त संदेश

राज्य कर विभाग ने दो टूक कहा है कि GST चोरी के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। फर्जी कंपनियां बनाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगे भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा।