‘अच्छे काम अब छुपेंगे नहीं’ : झारखंड पुलिस का बड़ा फैसला, हर थाने को करना होगा उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार
झारखंड पुलिस ने राज्य के सभी थानों को अपने सकारात्मक कार्यों और उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार अनिवार्य कर दिया है। डीजीपी कार्यालय के निर्देश के बाद अब सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए पुलिस की अच्छी पहल जनता तक पहुंचाई जाएगी।
रांची (Threesocieties.com Desk)। झारखंड पुलिस अब केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि अपनी सकारात्मक छवि को भी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य के सभी थानों को अब अपने अच्छे कार्यों और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में DGP कार्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी को स्पष्ट निर्देश जारी किए गये हैं।
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डीजीपी/आईजी सम्मेलन की अनुशंसा पर कार्रवाई
यह निर्णय वर्ष 2025 में आयोजित डीजीपी/आईजी सम्मेलन की अनुशंसा संख्या-25 को लागू करने के तहत लिया गया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत Bureau of Police Research and Development (BPR&D) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इसे राज्यभर में लागू करने का फैसला किया है।
थानों को दिखाना होगा ‘मानवीय चेहरा’
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब हर थाना अपने क्षेत्र में किए गए सकारात्मक कार्यों को सार्वजनिक करेगा। इनमें शामिल होंगे—
अपराधियों की गिरफ्तारी
गुमशुदा बच्चों को परिजनों से मिलाना
पीड़ितों की विशेष मदद
सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियान
उद्देश्य यह है कि आम जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित हो और विश्वास का दायरा मजबूत हो।
सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स का सहारा
निर्देश के मुताबिक, प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक माध्यमों का उपयोग किया जायेगा। थानों और जिला पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, Facebook, Instagram), विभागीय वेबसाइट, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्सइन माध्यमों से पुलिस के अच्छे कार्यों और मानवीय पहलुओं को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जायेगा।
जनता-पुलिस के बीच बढ़ेगा भरोसा
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि अक्सर थानों द्वारा किए गए सकारात्मक कार्य सामने नहीं आ पाते, जिससे जनता के बीच एकतरफा धारणा बन जाती है। अब यह पहल पुलिस-जनता के रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभायेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।






