धनबाद: अंबेडकर क्लब में धूमधाम से मनाई गई ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती, सामाजिक न्याय का दिया संदेश
धनबाद के छोटा खरिकाबाद स्थित अंबेडकर क्लब में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। वक्ताओं ने उनके सामाजिक सुधार, महिला शिक्षा और समानता के योगदान को याद किया।
धनबाद ( Threesocieties.com Desk): धनबाद के छोटा खरिकाबाद स्थित अंबेडकर क्लब के तत्वावधान में 11 अप्रैल 2026 को महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ की गई।
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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा फुले के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों की दिशा में उनके प्रयासों को सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंटू दास ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने बहुजन समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित कर देश की पहली महिला शिक्षिका बनाया और महिलाओं की शिक्षा के लिए स्कूलों की स्थापना की।
वहीं बब्लू दास ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले ने पाखंडवाद और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और स्वतंत्र जीवन का अधिकार दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। उस समय जब महिलाओं को पढ़ने का अधिकार नहीं था, तब उन्होंने समाज के विरोध के बावजूद शिक्षा का दीप जलाया।
उन्होंने आगे बताया कि ज्योतिबा फुले को अपने संघर्ष के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें घर से भी निकाल दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने विधवाओं के अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी और समाज सुधार के उद्देश्य से ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की। उनके महान कार्यों के कारण उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजू दास, राजेंद्र दास, दयाराम, संजीव दास, रोहित दास, राजा दास, अजीत दास, सुभाष दास, धर्मदास, निर्मल दास, रवि कुमार, भिखन दास, सूरज दास, कनहाई कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महात्मा फुले के आदर्शों को अपनाने और समाज में समानता व शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।






