धनबाद: बीसीसीएल की गोधर कोलियरी में आउटसोर्सिंग साइट पर अधिकारी की पिटाई, चक्का जाम के दौरान विवाद

धनबाद के गोधर में चक्का जाम आंदोलन के दौरान आउटसोर्सिंग कंपनी के खनन अधिकारी बबलू पात्रो के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद कोयला उत्पादन ठप हो गया है और पुलिस जांच में जुटी है।

धनबाद: बीसीसीएल की गोधर कोलियरी में आउटसोर्सिंग साइट पर अधिकारी की पिटाई, चक्का जाम के दौरान विवाद
गोधर में मजदूर आंदोलन के दौरान हुई घटना।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद में कोयला क्षेत्र में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीसीसीएल अधिकारियों के साथ हालिया मारपीट और अपहरण के प्रयास की घटना के बाद अब एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार गोधर काली बस्ती स्थित आउटसोर्सिंग साइट पर खनन पदाधिकारी बबलू पात्रो के साथ कथित मारपीट की घटना ने हड़कंप मचा दिया है।

यह भी पढ़ें: Bokaro Pushpa Murder Case: SP का बड़ा एक्शन, पिंड्राजोरा थानेदार समेत थाने के सभी 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड

क्या है पूरा मामला?

शनिवार को एटक से जुड़े असंगठित मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर गोधर स्थित आरए माइनिंग आउटसोर्सिंग ई-पैच में चक्का जाम आंदोलन किया। इसी दौरान काम बंद कराने पहुंचे मजदूरों और कंपनी के खनन अधिकारी बबलू पात्रो के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मजदूरों ने धक्का-मुक्की करते हुए बबलू पात्रो के साथ मारपीट की। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और काम पूरी तरह ठप हो गया।

अधिकारी को अस्पताल में कराया गया भर्ती

घटना के बाद आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने घायल अधिकारी को एसएनएमसीएच, धनबाद में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

 पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही केंदुआडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि “शिकायत मिली है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

 प्रबंधन का आरोप: आउटसोर्सिंग कंपनी ने शिकायत में कहा है कि 50-60 लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडा और हथियार के साथ हमला किया। इसमें गुड्डू चौहान, आकाश वर्मा, सन्नी चौहान और राजकुमार रजवार समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है।
राजेश चौहान को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है।

मजदूरों का पक्ष: वहीं एटक नेताओं ने मारपीट से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि  “सिर्फ नोकझोंक हुई थी, किसी तरह की मारपीट नहीं हुई।”

 क्यों कर रहे थे मजदूर आंदोलन?

मजदूरों के अनुसार उनका आंदोलन पूरी तरह पूर्व निर्धारित था। उनकी मुख्य मांगें:

स्थानीय बेरोजगार युवकों को नौकरी
सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई
प्रबंधन द्वारा पूर्व आश्वासन का पालन

बताया गया कि इस मुद्दे पर पहले भी धरना और ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उत्पादन पर पड़ा असर

इस घटना के बाद आउटसोर्सिंग साइट पर कोयला उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे बीसीसीएल के कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

बढ़ता जा रहा है कोयला क्षेत्र में तनाव

धनबाद में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कोयला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। पहले बीसीसीएल अधिकारियों पर हमला और अब आउटसोर्सिंग साइट पर मारपीट—यह साफ संकेत है कि हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।