धनबाद: झरिया को मिली बड़ी सौगात: 64 करोड़ से बनेगा आरएसपी कॉलेज का नया भवन, 7 साल का संघर्ष रंग लाया
झरिया में 64 करोड़ की लागत से आरएसपी कॉलेज के नए भवन का शिलान्यास हुआ। 7 साल के संघर्ष के बाद छात्रों को मिलेगा आधुनिक शैक्षणिक परिसर, 24 महीने में पूरा होगा निर्माण।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झरिया के शैक्षणिक भविष्य के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। वर्षों से चल रहा संघर्ष आखिरकार रंग लाया और नुनूडीह-डिगवाडीह में राजा शिव प्रसाद (आरएसपी) कॉलेज के नए भवन का शिलान्यास कर दिया गया। झरिया विधायक रागिनी सिंह ने इसकी आधारशिला रखी, जबकि धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे।
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करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक कॉलेज भवन झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCCL) द्वारा तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट झरिया के शैक्षणिक ढांचे को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
छात्रों के संघर्ष की जीत
शिलान्यास के मौके पर विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि झरिया के हजारों छात्रों के संघर्ष और सपनों की जीत है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक छात्रों को शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।वहीं मेयर संजीव सिंह ने इसे झरिया में शिक्षा के क्षेत्र में “नए युग की शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की खोई हुई शैक्षणिक पहचान वापस लौटेगी।
24 महीने में तैयार होगा आधुनिक कैंपस
नया कॉलेज भवन करीब 13 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा
फिलहाल 8 एकड़ भूमि पर निर्माण शुरू होगा (अतिक्रमण के कारण शेष जमीन बाद में)
निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा 24 महीने तय की गई है
अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ सभी संकाय एक ही परिसर में संचालित होंगे
क्यों हुआ था कॉलेज शिफ्ट?
गौरतलब है कि आरएसपी कॉलेज पहले झरिया में ही संचालित होता था, लेकिन राजापुर कोलियरी क्षेत्र में भूमिगत आग के खतरे को देखते हुए वर्ष 2017 में इसे बेलगड़िया (सिंदरी) शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद से ही स्थानीय लोगों और छात्रों द्वारा झरिया में ही कॉलेज की पुनर्स्थापना की मांग लगातार उठती रही।
विवाद और देरी के बाद मिली मंजूरी
नुनूडीह में प्रस्तावित जमीन को लेकर पहले “फायर एरिया” होने की आपत्ति उठी थी, जिसके चलते टेंडर रद्द करना पड़ा। हालांकि, बाद में जांच में क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया, जिसके बाद नवंबर 2025 में दोबारा टेंडर जारी हुआ और अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
सम्मान और बड़ी भागीदारी
समारोह के दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. निलेश कुमार सिंह और अधिवक्ता हरीश जोशी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें संतोष सिंह, मुंद्रिका पासवान, स्वरूप भट्टाचार्य, विष्णु त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
2017 से बना था बड़ा चुनावी मुद्दा
आरएसपी कॉलेज की वापसी का मुद्दा 2017 से झरिया की राजनीति का केंद्र रहा। हर चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा बना और अब जाकर इसका समाधान हुआ है। विधायक रागिनी सिंह ने इस वादे को जमीन पर उतारकर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।






