धनबाद: संपति हड़पने के लिए भाई ने ही जूस बिजनसमैन ज्योति रंजन की मर्डर करवाई, दो अरेस्ट

राजगंज पुलिस स्टेशन एरिया के खरनी सनशाइन सिटी के पास गुरुवार की देर शाम हुए जूस बिजनसमैन ज्योति रंजन मर्डर केस की की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली हैं। पुलिस का दावा है कि ज्योति रंजन को उसके अपने सगे भाई सौरव कुमार ने ही अपने दोस्त श्रीकांत मिश्रा की मदद से मर्डर करायी है। पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया है। 

धनबाद: संपति हड़पने के लिए भाई ने ही जूस बिजनसमैन ज्योति रंजन की मर्डर करवाई, दो अरेस्ट

धनबाद। राजगंज पुलिस स्टेशन एरिया के खरनी सनशाइन सिटी के पास गुरुवार की देर शाम हुए जूस बिजनसमैन ज्योति रंजन मर्डर केस की की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली हैं। पुलिस का दावा है कि ज्योति रंजन को उसके अपने सगे भाई सौरव कुमार ने ही अपने दोस्त श्रीकांत मिश्रा की मदद से मर्डर करायी है। पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया है। 

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एसएसपी संजीव कुमार ने पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मर्डर केस के मुख्य षडयंत्रकर्ता के रूप में ज्योति के छोटे भाई सौरव कुमार व सेटर तेतुलमारी निवासी श्रीकांत मिश्रा को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। ज्योति रंजन के अंतिम संस्कार के दौरान ही आरोपितों की गिरफ्तारी लिलोरी स्थान स्थित श्मशान घाट से कर ली गई।एसएसपी ने बताया ज्योति रंजन, गौरव और श्रीकांत के काॅल डिटेल टॉवर लोकेशन से पुलिस को कई अहम सुराग मिले थे। फैक्ट्री, जमीन और मकान पर कब्जा करने के लिए सौरव ने यह षडयंत्र रचा था। सौरव के दोस्त श्रीकांत मिश्रा ने आरा से शूटर मंगवाया था। तीन क्रिमिनलों ने घटना को अंजाम दिया था। श्रीकांत ने ही घटनास्थल की रेकी करवाई थी। घटना को अंजाम देने के बाद रास्ते में चेकिंग के डर से आर्म्स को वही छुपाकर शूटर भाग निकले थे।

घटना में प्रयुक्त एक कट्टा और एक पिस्टल के अलावा गोलियां बरामद

एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने ज्योति की मर्डर मामले में सौरभ और उसके दोस्त तेतुलमारी निवासी श्रीकांत मिश्रा को अरेस्ट किया है। घटना में प्रयुक्त एक कट्टा और एक पिस्टल के अलावा गोलियां और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किये गये हैं। एसएसपी ने बताया कि संपत्ति के लिए मर्डर की साजिश रची गई।सौरभ ने पुलिस को बताया कि ज्योति शराब पीता था। उसकी बुरी आदतें उसे खटकती थीं। हालांकि पड़ोसियों का कहना है कि ज्योति का व्यवहार काफी अच्छा था। सौरभ कुमार ने बड़े भाई ज्योति रंजन की शूटरों की मदद से मर्डर कराने के बाद खुद ही राजगंज पुलिस स्टेशन  में अनफोन के खिलाफ मर्डर की एफआईआर दर्ज कराई। उसी ने मृतक ज्योति रंजन को मुखाग्नि भी दी। वह बार-बार राजगंज  पुलिस के समक्ष दुहाई देता रहा कि उसे छोड़ दें, वह भाई की आत्मा शांति के लिए नियमपूर्वक श्राद्ध करना चाहता है। ज्योति मर्डर केस के खुलासे के लिए रूरल एसपी रिष्मा रमेशन की देखरेख और बाघमारा एसडीपीओ निशा मुर्मू की अगुवाई में टीम गठित की गई थी। टीम में इंस्पेक्टर जयराम प्रसाद, इंस्पेक्टर भिखारी राम, राजगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आदि शामिल थे। शूटर की तलाश में पुलिस की एक स्पेशल टीम बिहार के आरा और आसपास के जिलों में लगातार रेड कर रही है। श्रीकांत मिश्रा ने शूटरों का पूरा विवरण पुलिस को बताया है। जल्द ही शूटर पुलिस के शिकंजे में होंगे।

सख्ती से पूछताछ सच्चाई कबूल ली

ज्योति रंजन की हत्या में पुलिस को मोबाइल कॉल डिटेल्स से काफी मदद मिली। कॉल डिटेल्स और कॉल डंप के आधार पर पुलिस सौरभ के दोस्त श्रीकांत मिश्रा तक पहुंची। पुलिस को सौरभ पर शुरू से शक था। वह बार-बार अपना बयान बदल रहा था। वह पुलिस को दिग्भ्रमित करते रहा, लेकिन श्रीकांत मिश्रा से हुई कड़ी पूछताछ में वह टूट गया। उसने सारी सच्चाई कबूल ली। तेतुलमारी नगरी कला कौशल नगर में रहने वाला श्रीकांत मिश्रा ने पुलिस को बताया कि कई महीनों से सौरभ उससे अपने भाई की मर्डर कराने की बात कह रहा था। उसने सौरभ को समझाने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। श्रीकांत मिश्रा का ज्योति और सौरभ के परिवार से घनिष्ठ संबंध था। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था। दोनों भाइयों की गैरहाजिरी में वह घर का कामकाज भी कर देता था।

ज्योति रंजन ने बनाई थी संपत्ति

ज्योति ने बरवाअड्डा में जूस की फैक्ट्री डाल कर सारी संपत्ति खुद खड़ी की थी। फैक्ट्री से लेकर घर, सबकुछ ज्योति के नाम था। उसी ने भाई को अपने धंधे में लगाया था। हाल के कुछ वर्षों में ज्योति रंजन ने अच्छी संपत्ति बनाई थी। सौरभ ने पुलिस को बताया कि वह चाहता था कि सबकुछ उसके नाम पर हो, इसलिए उसने यह कदम उठाया। श्रीकांत मिश्रा ने पुलिस को बताया कि कई महीनों से सौरभ उससे भाई की मर्डर कराने की बात कह रहा था। उसने सौरभ को समझाने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। श्रीकांत मिश्रा का ज्योति और सौरभ के परिवार से घनिष्ठ संबंध था।