श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर सबमरीन अटैक, मिडिल ईस्ट जंग का समंदर तक विस्तार; अरामको पर फिर ड्रोन हमला
श्रीलंका तट के पास ईरानी जहाज पर पनडुब्बी हमला, 32 घायल और कई लापता। दूसरी ओर सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर फिर ड्रोन अटैक, मिडिल ईस्ट जंग तेज।
- श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर पनडुब्बी हमला, कई लापता
तेल अवीव/तेहरान(Threesocieties.com Desk)। मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब समुद्र तक पहुंच गई है। श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी जहाज पर पनडुब्बी से हमला हुआ है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।श्रीलंका नेवी के अनुसार इस हमले में कम से कम 32 लोग घायल हुए हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
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नेवी प्रवक्ता ने बताया कि घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में 101 लापता और 78 घायल बताये गये थे, लेकिन बाद में आंकड़ों में संशोधन किया गया।
समुद्र में चल रहा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक जहाज पर सवार कई लोग अब भी समुद्र में फंसे हो सकते हैं। श्रीलंका की नौसेना लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है और जंग पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है।
अरामको पर फिर ड्रोन अटैक, तेल सप्लाई पर खतरा
दूसरी ओर सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको पर फिर से ड्रोन हमला हुआ है। रॉयटर्स के अनुसार रास तनूरा रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जो दुनिया की सबसे बड़ी तेल सुविधाओं में से एक है। यहां रोजाना करीब 5.5 लाख बैरल कच्चे तेल की प्रोसेसिंग होती है। गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी इसी रिफाइनरी पर हमला किया गया था, जिससे वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गयी है।
ईरान में सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज
इस बीच अली खामेनेई के बाद नेतृत्व को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
इजराइल की चेतावनी: नये नेता को भी नहीं छोड़ेंगे
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान में जो भी नया नेता बनेगा, अगर वह इजराइल के खिलाफ होगा तो उसे भी निशाना बनाया जायेगा।
अमेरिका का दावा: भारी सैन्य कार्रवाई
अमेरिका ने इस जंग को “एपिक फ्यूरी” नाम दिया है। अमेरिकी दावों के मुताबिक:
ईरान के 17 जहाज तबाह किए गए
50,000 से ज्यादा सैनिक ऑपरेशन में शामिल
200 से ज्यादा फाइटर जेट और एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात
मिसाइल और ड्रोन सिस्टम को भारी नुकसान
मिडिल ईस्ट में बढ़ता संकट
तेज होते हमलों के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। एयरस्पेस, तेल सप्लाई और समुद्री रास्तों पर खतरा लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
श्रीलंका के पास जहाज पर हमला और सऊदी अरामको पर ड्रोन स्ट्राइक इस बात का संकेत हैं कि यह जंग अब क्षेत्रीय नहीं रही। समुद्र, ऊर्जा और वैश्विक व्यापार—तीनों पर इसका असर साफ दिखने लगा है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।






