धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल धनबाद अब खेल जगत में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। शहर में पहली बार मूक-बधिर खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। इस अनोखे टूर्नामेंट में भारत और नेपाल के ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जो सुन और बोल नहीं सकते, लेकिन अपने खेल के दम पर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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इस ऐतिहासिक आयोजन की जिम्मेदारी रोटी बैंक यूथ क्लब ने उठाई है, जो समाज सेवा और युवाओं को मंच देने के लिए पहले से ही सक्रिय रहा है। यह टूर्नामेंट न केवल खेल का मंच है, बल्कि समाज में दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति सोच बदलने की एक बड़ी पहल भी है।
दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
इस टूर्नामेंट के जरिए उन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के खेलों में नजरअंदाज कर दिया जाता है। मैदान पर ये खिलाड़ी बिना आवाज के, सिर्फ अपने इशारों और समझ के दम पर खेलते हैं, जो अपने आप में अद्भुत और प्रेरणादायक है। झारखंड किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य सुनैना सिंह किन्नर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगों की समस्याएं अक्सर समाज में अनदेखी रह जाती हैं। ऐसे आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
समाज को मिलेगा समावेशिता का संदेश
आयोजकों के अनुसार, इस टूर्नामेंट का उद्देश्य सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज में समावेशिता (Inclusivity) और समान अवसर का संदेश देना है। यह आयोजन दिखाता है कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक सीमा से बड़ी होती है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं और इस पहल को सफल बनाएं।
धनबाद के लिए गर्व का मौका
धनबाद में इस तरह का अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट पहली बार हो रहा है, जिससे शहर को नई पहचान मिलेगी। यह आयोजन आने वाले समय में अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास से देश में दिव्यांग क्रिकेट को नई दिशा और पहचान मिलेगी।