धनबाद : अवैध धंधों से उबल रहा निरसा! विधायक अरूप चटर्जी का अल्टीमेटम—20 अप्रैल से सड़कों पर उतरेगा आंदोलन
निरसा में बढ़ते अवैध कारोबार के खिलाफ विधायक अरूप चटर्जी ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। 20 अप्रैल से नाका बंदी आंदोलन की चेतावनी के साथ अवैध कोयला, बालू, लॉटरी और तस्करी पर गंभीर आरोप लगाए।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के निरसा विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर सियासत गरमा गई है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 20 अप्रैल से क्षेत्र में नाका बंदी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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शनिवार को मैथन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक ने अवैध कोयला खनन, बालू तस्करी, गौ तस्करी, प्रतिबंधित मांगुर मछली और अवैध लॉटरी जैसे कारोबारों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की जानकारी में ये सभी धंधे खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
“दवा बढ़ी, लेकिन मर्ज और बढ़ा”
विधायक अरूप चटर्जी ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार प्रशासन को अवैध धंधों पर रोक लगाने के लिए कहा गया, लेकिन नतीजा उल्टा रहा। उन्होंने कहा— “निरसा की हालत ऐसी हो गई है कि ज्यों-ज्यों दवा दी गई, मर्ज बढ़ता गया।”
युवाओं को फंसा रहे बाहरी माफिया
विधायक ने आरोप लगाया कि बाहरी तत्व स्थानीय युवाओं को मामूली पैसों का लालच देकर अवैध कारोबार में झोंक रहे हैं। इससे न सिर्फ उनकी जिंदगी खतरे में पड़ रही है, बल्कि वे अपराध के दलदल में भी धंसते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली मुनाफा माफिया उठा रहे हैं, जबकि जान जोखिम में डालने वाले युवा हैं।
अवैध खनन और लॉटरी से तबाही
अरूप चटर्जी ने बताया कि अवैध कोयला खनन के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अवैध लॉटरी ने अनेक परिवारों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है। इसके अलावा प्रतिबंधित मांगुर मछली का कारोबार भी खुलेआम जारी है, जिससे कानून की धज्जियां उड़ रही हैं।
बालू माफिया का खेल, जनता बेहाल
बालू की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले जो एक ट्रैक्टर बालू 1000-1200 रुपये में मिलता था, अब वही 4000 रुपये तक बिक रहा है, जिससे आम लोग घर बनाना तो दूर, छोटी मरम्मत तक नहीं कर पा रहे।
20 अप्रैल से नाका बंदी की चेतावनी
विधायक ने साफ चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो 20 अप्रैल से निरसा क्षेत्र के कई स्थानों पर नाका बंदी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
2 दिन का अल्टीमेटम, फिर 18 जगह नाकाबंदी
विधायक अरूप चटर्जी ने साफ चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो सोमवार से जनता के सहयोग से निरसा विधानसभा क्षेत्र के 18 स्थानों पर नाकाबंदी अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि “जनता की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम” होगा।
कोयला माफियाओं का ‘सुरंग खेल’ उजागर
निरसा-कलियासोल मार्ग पर भलजोरिया श्मशान घाट के पास चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां कोयला माफिया कथित तौर पर पुशाई नदी को घेरकर सुरंग बनाकर अवैध कोयला उत्खनन कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि खुलेआम चलने के बावजूद पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ रही?
अवैध धंधों की भरमार, कानून-व्यवस्था पर सवाल
क्षेत्र में सिर्फ कोयला ही नहीं, बल्कि कई तरह के अवैध कारोबार फल-फूल रहे हैं— खुलेआम अवैध लॉटरी टिकटों की बिक्री, अवैध बालू खनन का धंधा, चिरकुंडा में मांगुर मछली व्यवसाय को लेकर टेंपो पर गोलीबारी। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
“पुलिस का डर खत्म”—स्थानीयों का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब धंधेबाजों में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है। आरोप है कि प्रशासनिक सख्ती के अभाव में अवैध कारोबारियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है और वे खुलेआम गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
सोमवार पर टिकी निगाहें
अब पूरे इलाके की नजरें सोमवार से प्रस्तावित नाकाबंदी अभियान पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं—या फिर हालात पहले जैसे ही बने रहते हैं।






