BSL में बड़ा प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक! 40 अधिकारियों का एक साथ तबादला, कई विभागों में मची हलचल
बोकारो स्टील प्लांट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 अधिकारियों का अंतर-विभागीय तबादला किया गया है। AGM से लेकर Assistant Manager स्तर तक के अधिकारियों को नए विभागों में भेजा गया है। जानिए किस अधिकारी को कहां मिली नई जिम्मेदारी।
HighLights
- बोकारो स्टील प्लांट में 40 अधिकारियों का अंतर-विभागीय तबादला
- AGM से लेकर Assistant Manager स्तर तक के अधिकारी शामिल
- उत्पादन बढ़ाने और कार्यप्रणाली सुधारने के लिए लिया गया फैसला
- लंबे समय से एक विभाग में जमे अधिकारियों को दूसरे विभागों में भेजा गया
- तकनीकी, उत्पादन, मेडिकल और कार्मिक विभागों में बड़ा फेरबदल
बोकारो (Threesocieties.com Desk): बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए संयंत्र में कार्यरत कुल 40 अधिकारियों का अंतर-विभागीय तबादला कर दिया है। इस व्यापक फेरबदल में सहायक प्रबंधक (Assistant Manager) से लेकर सहायक महाप्रबंधक (AGM) स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल अपने वर्तमान विभाग से विरमित होकर नए विभागों में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
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यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब प्रबंधन उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
AGM लेवल के अफसर
फजल मोहम्मद — पीपीसी से कोक अवन विभाग
जीरामल मांझी — डीएनडब्ल्यू से सीआरएम-3
प्रणव कुमार मिश्रा — हॉट स्ट्रिप मिल से आरएंडसी लैब
मदी बानो — सीआरएम-3 से हॉट स्ट्रिप मिल
वैभव मिश्रा — सीआरएम-3 से गैस यूटिलिटी
आदित्य कुमार — आरजीबीएस से तकनीकी सेल
राजेंद्र भगत — हॉट स्ट्रिप मिल से सीआरएम-3
विनय कुमार राय — कोक अवन से सीएमएम
अभिषेक कुमार — आरजीबीएस से सीआरएम-1 एवं 2
अरविंद कुमार सुमन — एसएमएस-2 से न्यू एसएमएस
विजय शर्मा — सीआरएम-3 से आरएमएचपी
रंजीत कुमार — एचआरसीएफ से आरएमएचपी
आरती सिन्हा — कार्मिक विभाग से बिजनेस एक्सलेंस
डॉ. अमित कुमार झा — प्लांट मेडिकल से बीजीएच कैजुअल्टी
Senior Manager लेवल के अफसर
अरिजीत बनर्जी — आरएंडसी लैब से हॉट स्ट्रिप मिल
बजरंग उपाध्याय — सीआरएम-3 से हॉट स्ट्रिप मिल
दीपक कुमार — सीआरएम-1 एवं 2 से आरजीबीएस
सवलेंदु कुमार — इंगोट मोल्ड फाउंड्री से मशीन शॉप
दीपक चंचल — सीआरएम-1 एवं 2 से आरजीबीएस
धनंजय प्रताप सिंह — सीएमएम से कोक अवन
रविकांत चक्रवर्ती — आरएमएचपी से हॉट स्ट्रिप मिल
अमित कुमार — एसएमएस-2 से न्यू एसएमएस
सुमित सौरव — हॉट स्ट्रिप मिल से सीआरएम-3
चंदन कुमार — आरजीबीएस से सीआरएम-1 एवं 2
मिनू रान — सीआरएम-3 से डीएनडब्ल्यू
निहारिका अनुपम — सीआरएम-3 से एसपीसी
अशोक कुमार — सीआरएम-3 से सीईडी
संगरिका साहू — बिजनेस एक्सलेंस से कार्मिक (एचआरडी)
प्रीति कुमारी — एचआरडी से कार्मिक विभाग
रिषभ महेश्वरी — परचेज से भंडार विभाग
गौरव दत्ता — भंडार विभाग से परचेज विभाग
Deputy Managerलेवल के अफसर
महेश कुमार बर्णवाल — एसएमएस-2 से न्यू एसएमएस
सुरेश कुमार रजवार — एसएमएस-2 से न्यू एसएमएस
दिनेश प्रसाद — एसएमएस-2 से न्यू एसएमएस
अभय कुमार सिंह — हॉट स्ट्रिप मिल से सीआरएम-3
डॉ. रवि कुमार पासवान — बीजीएच कैजुअल्टी से प्लांट मेडिकल इकाई
Assistant Manager लेवल
शुभम कुमार — न्यू एसएमएस से एसएमएस-2 (सीसीएस विभाग)
उत्पादन और कार्यकुशलता बढ़ाने की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, इस बड़े पैमाने पर किए गए तबादले का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्य संस्कृति में सुधार और उत्पादन प्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना है। प्रबंधन का मानना है कि अलग-अलग विभागों में कार्य करने से अधिकारियों के अनुभव का दायरा बढ़ता है और वे उत्पादन प्रक्रिया को व्यापक नजरिए से समझ पाते हैं।बताया जा रहा है कि स्थानांतरित अधिकारियों में कई ऐसे अफसर भी शामिल हैं जो लंबे समय से एक ही विभाग में कार्यरत थे। ऐसे में विभागीय बदलाव को संस्थागत सुधार और बेहतर प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
तकनीकी, उत्पादन, मेडिकल और HR विभागों में बड़ा बदलाव
इस ट्रांसफर आदेश के तहत उत्पादन इकाइयों, तकनीकी सेल, मेडिकल विभाग, कार्मिक विभाग, बिजनेस एक्सलेंस, परचेज, भंडार और कई प्रमुख इकाइयों में व्यापक फेरबदल किया गया है। AGM स्तर पर कई अहम नामों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि Senior Manager, Deputy Manager और Assistant Manager स्तर पर भी कई अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं।
प्रबंधन का क्या है तर्क?
BSL प्रबंधन का मानना है कि किसी अधिकारी के लिए केवल एक विभाग तक सीमित रहना उसकी कार्यशैली और दृष्टिकोण को सीमित कर सकता है। जबकि विभिन्न विभागों में काम करने से समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी समझ और समग्र प्रबंधन कौशल विकसित होता है।
विशेषज्ञों की मानें तो इतने बड़े स्तर पर हुआ यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में उत्पादन, समन्वय और प्रबंधन क्षमता पर सीधा असर डाल सकता है।
कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना ट्रांसफर
एक साथ 40 अधिकारियों के तबादले के बाद बोकारो स्टील प्लांट के अंदर इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती से कामकाज की नई रणनीति और कार्यशैली देखने को मिल सकती है।अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि प्रबंधन का यह बड़ा प्रशासनिक प्रयोग उत्पादन और कार्यकुशलता के मोर्चे पर कितना सफल साबित होता है।






