चुनौतियों से बदलाव की ओर BCCL! 2026-27 होगा ‘रिफॉर्म-ट्रांसफॉर्मेशन’ का साल, CMD मनोज अग्रवाल का बड़ा विजन

BCCL के CMD मनोज अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष की समीक्षा में चुनौतियों को स्वीकार करते हुए 2026-27 को सुधार और परिवर्तन का साल बताया। सेफ्टी, प्रोडक्शन और परफॉर्मेंस पर बड़ा फोकस।

चुनौतियों से बदलाव की ओर BCCL! 2026-27 होगा ‘रिफॉर्म-ट्रांसफॉर्मेशन’ का साल, CMD मनोज अग्रवाल का बड़ा विजन
BCCL ने तय किया नया रोडमैप।
  • चुनौतियों से सीख, अब बदलाव की बारी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष की समीक्षा करते हुए साफ कहा है कि बीता साल कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ अहम क्षेत्रों में कंपनी का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन इन चुनौतियों ने संगठन को सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर जरूर दिया है।

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प्रदर्शन पर असर डालने वाले कारणों की होगी पहचान

सीएमडी ने स्पष्ट किया कि अब समय है ईमानदारी से आत्ममंथन करने का। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि आखिर किन कारणों से प्रदर्शन प्रभावित हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे समस्याओं को छुपाने के बजाय खुलकर सामने लाएं, ताकि समय रहते समाधान निकाला जा सके।

2026-27: ‘ईयर ऑफ रिफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्मेशन’

मनोज अग्रवाल ने बताया कि आने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 बीसीसीएल के लिए बेहद अहम होने जा रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड ने इसे “ईयर ऑफ रिफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्मेशन” के रूप में घोषित किया है। इसका मतलब है कि अब सिर्फ लक्ष्य हासिल करना ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में बदलाव लाना प्राथमिकता होगी।

हर क्षेत्र में नए बेंचमार्क का लक्ष्य

सीएमडी ने कहा कि अब फोकस सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निम्न क्षेत्रों में व्यापक सुधार जरूरी है: कोयला उत्पादन और उत्पादकता, आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग, ऑपरेशनल दक्षता व  कोयले की गुणवत्ता। उन्होंने कहा कि BCCL को हर क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करने होंगे, तभी कंपनी प्रतिस्पर्धा में आगे रह पाएगी।

सेफ्टी पर सबसे ज्यादा जोर

मनोज अग्रवाल ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा: “नया साल, नए संकल्प—सुरक्षित काम, सफल परिणाम”। उन्होंने दो टूक कहा कि सेफ्टी के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। हर कर्मचारी का सुरक्षित घर लौटना ही कंपनी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत

सीएमडी ने संगठन में अकाउंटेबिलिटी, ओनरशिप और टीमवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हर कर्मचारी अपने काम की जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते।

सुधार के साथ तेज प्रगति का भरोसा

अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि अब जब कमियों की पहचान हो चुकी है, तो BCCL सुधार और तेज प्रगति की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर सभी मिलकर काम करें, तो आने वाला साल कंपनी के लिए उपलब्धियों का नया अध्याय साबित हो सकता है।