गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के AC कोच में ‘सीक्रेट बंकर’! धनबाद RPF ने पकड़ी विदेशी बियर की खेप

गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के एसी कोच में बने गुप्त बंकर से RPF ने विदेशी बियर की तीन पेटियां बरामद की हैं। जांच में बंगाल, झारखंड और बिहार तक फैले अंतरराज्यीय शराब तस्करी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।

गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के AC कोच में ‘सीक्रेट बंकर’! धनबाद RPF ने पकड़ी विदेशी बियर की खेप
न के टॉयलेट की छत बना शराब तस्करी का अड्डा।

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : पूर्व मध्य रेलवे की चर्चित ट्रेन गंगा-दामोदर एक्सप्रेस में शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। ट्रेन के एसी कोच के शौचालय की छत में बनाए गए एक गुप्त बंकर से आरपीएफ ने विदेशी बियर की तीन बड़ी पेटियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई के बाद अंतरराज्यीय शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

यह भी पढ़ें: बच्चों की मस्ती की पाठशाला: मारवाड़ी युवा मंच के “समर फिएस्टा 2026” में खेल-खेल में सीखने का अनोखा संगम

सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ को पहले से सूचना मिली थी कि ट्रेनों के जरिए बिहार में शराब की बड़ी खेप भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर गंगा-दामोदर एक्सप्रेस की गहन जांच की गई। जांच के दौरान जब एसी कोच के टॉयलेट की छत खोली गई, तो वहां छिपाकर रखी गई विदेशी बियर की पेटियां देखकर अधिकारी भी चौंक गए।

बंगाल से बिहार तक फैला है नेटवर्क

प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ है। कुल्टी, सीतारामपुर, बलिया, बनारस, धनबाद और हजारीबाग जैसे स्टेशनों से शराब की खेप अलग-अलग चरणों में ट्रेन में चढ़ाई जाती थी। तस्करों का मुख्य लक्ष्य बिहार तक शराब पहुंचाना था, जहां शराबबंदी लागू है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि बेहद संगठित सिंडिकेट है, जो रेलवे की गतिविधियों और सुरक्षा जांच की पूरी जानकारी पहले से जुटाकर काम करता था।

रेलवे चार्ट और CCTV से खुला राज

आरपीएफ ने यात्रियों के रेलवे रिजर्वेशन चार्ट, कोच डिटेल और विभिन्न स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। अधिकारियों को शक है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्टेशनों से ट्रेन में चढ़ते और उतरते थे, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।

सूत्र बताते हैं कि तस्कर ट्रेन की टाइमिंग, चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी और यार्ड मूवमेंट तक की जानकारी रखते थे। यही वजह है कि लंबे समय तक यह नेटवर्क पकड़ में नहीं आया।

सफाई और मेंटेनेंस के दौरान बनता था ‘सीक्रेट ठिकाना’

आरपीएफ अधिकारियों को आशंका है कि ट्रेन जब यार्ड में सफाई और रखरखाव के लिए जाती थी, उसी दौरान एसी कोच के टॉयलेट की छत में बने इस गुप्त बंकर का इस्तेमाल किया जाता था। माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ लोग भी इस नेटवर्क की मदद कर रहे थे। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोच के अंदर इस तरह का सीक्रेट चैंबर किसने तैयार किया और इसमें रेलवे कर्मचारियों या बाहरी लोगों की क्या भूमिका रही।

धनबाद आरपीएफ ने दर्ज किया मामला

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद धनबाद आरपीएफ ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। हालांकि अभी तक किसी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन आरपीएफ पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही ट्रेनों में चल रही शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा जांच और सख्त की जाएगी।