धनबाद: कैमूर से बिजनस  के लेनदेन किया था युवक का किडनैप, आपसी समझौते के बाद मैथन ओपी से छूटे सभी आरोपी 

बिहार के कैमूर जिला के कुरदा पुलिस स्टेशन एरिया निवासी संजय कुमार सिंह के किडनैप के मामले का पटक्षेप हो गया है। मामला लेनदेन की निकला। आपसी समझौते के बाद मैथन ओपी से सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया है।

धनबाद: कैमूर से बिजनस  के लेनदेन किया था युवक का किडनैप, आपसी समझौते के बाद मैथन ओपी से छूटे सभी आरोपी 
मैथन ओपी में अपनी वाइफ के साथ युवक संजय।

Advertisement

धनबाद। बिहार के कैमूर जिला के कुरदा पुलिस स्टेशन एरिया निवासी संजय कुमार सिंह के किडनैप के मामले का पटक्षेप हो गया है। मामला लेनदेन की निकला। आपसी समझौते के बाद मैथन ओपी से सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया है। संजय द्वारा मैथन डैम पर तैनात सीआइएसएफ को अपने किडनैप की सूचना देने पर पुलिस बुलाई गई। मैथन पुलिस मौके पर पहुंच पश्चिम बंगाल के कल्याणेश्वरी में रेड कर छह को कस्टडी में लिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौते के बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। 

संजय का कहना था कि फिरौती के रूप में पांच लाख रुपये मांगे गये थे। 50 हजार रुपये आरोपी के बैंक अकाउंट में जमा करवा दिये गये थे। लेकिन वे लोग पूरे पैसे की मांग करते हुए संजय को लेकर कल्याणेश्वरी आ गये। संजय उनके चंगुल से बचकर सोमवार सुबह मैथन डैम पहुंच गया। वहां सीआइएसएफ जवानों से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सीआइएसएफ ने मैथन पुलिस से संपर्क कर संजय को उनके हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने संजय की निशानदेही पर कल्याणेश्वरी स्थित होटल में छापेमारी कर सासाराम के दिनेश कुमार, विकास कुमार, सुधीर प्रसाद व शशि कुमार और गया के आशुतोष कुमार सिंह व अनिल कुमार को पकड़ा। पुलिस सभी को मैथन ओपी लाई। पूरे दिन नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा। अंत में  पार्टनरशिप विवाद का मामला निकला। दोनों पक्षों में  आपसी समझौता होने पर सोमवार देर शाम पुलिस ने सबको छोड़ दिया। दोनों पक्षों ने मैथन ओपी में लिखित आवेदन दिया कि कोई एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत नहीं करेगा। यह आपसी मामला है।

संजय का कहना है  कि उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टनरशिप में बिजनस शुरू किया था। इसमें तीन  लाख रुपये लगाए थे, लेकिन अन्य पार्टनरों ने उनके रुपये हड़प लिए। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देते थे। जिस कंपनी में उनलोगों ने ठेका का काम किया, वहां के कुछ सामान भी चुराकर बेच दियेथे। इसकी उन्होंने कंपनी को जानकारी दे दी थी। इस कारण वे लोग और नाराज हो गये। छह पार्टनरों ने 14 अगस्त को रुपये देने की बात कहकर बुलाया। जब उनसे मिलने पहुंचा तो जबरन कार के अंदर घुसाया। दो दिन तक कार में लेकर विभिन्न स्थानों पर गये। रविवार शाम कल्याणेश्वरी मंदिर के समीप एक होटल में लाकर बंधक बनाकर पीटा। फोन कर उनकी पत्नी को धमकाते हुए पांच लाख रुपये मांगे। 15 अगस्त को उनकी पत्नी ने 50 हजार रुपये उनके बैंक अकाउंट में जमा कर दिए। बाकी रुपये लेकर उनलोगों ने होटल में बुलाया था।


मैथन ओपी में पकड़े गये लोगों ने किडनैप की बात से इन्कार करते हुए इसे आपसी लेनदेन का मसला बताया। कहा कि उनका स्क्रैप का कारोबार है। संजय मुंशी का कार्य करता था। उसने स्क्रैप का तार गुमला में बेच दिया। गुमला में इसकी कंपलेन की गई है। अब उसी से बचने के लिए कहानी गढ़ रह रहा है। पुलिस का कहना है जांच में पाया गया कि मामला आपसी लेनदेन का है। पुलिस में किसी ने कोई लिखित शिकायत नहीं की। दोनों पक्ष ने पीआर बांड भरा जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।