Dhanbad Nagar Nigam Chunav 2026: शांतनु चंद्रा ने भाजपा से दिया इस्तीफा, मेयर के लिए करेंगे नामांकन

धनबाद नगर निगम चुनाव 2026 से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम। भाजपा के सक्रिय सदस्य शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान ने पार्टी से इस्तीफा दिया, 4 फरवरी को नामांकन करने का ऐलान। पढ़ें पूरी खबर।

Dhanbad Nagar Nigam Chunav 2026: शांतनु चंद्रा ने भाजपा से दिया इस्तीफा, मेयर के लिए करेंगे नामांकन
शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान (फाइल फोटो)।
  • “पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ जाना मेरी नैतिकता नहीं” 

धनबाद (Threesocieties.com Desk)। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान ने धनबाद नगर निगम चुनाव 2026 से पहले बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा पत्र भाजपा जिला अध्यक्ष, धनबाद को सौंपा है।

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इस्तीफे के बाद बबलू पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि “पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ जाना मेरी नैतिकता नहीं है, इसलिए मैंने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का फैसला किया।” उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे 4 फरवरी 2026 को धनबाद नगर निगम चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

इस्तीफा पत्र में क्या लिखा

अपने इस्तीफा पत्र में बबलू पासवान ने उल्लेख किया कि वे लंबे समय से भाजपा की विचारधारा, संगठन और नेतृत्व पर विश्वास करते हुए समाज और संगठन के लिए कार्य करते आ रहे हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी में बने रहकर पार्टी की मर्यादा और सिद्धांतों के विरुद्ध जाना उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय किसी दबाव या व्यक्तिगत असंतोष का परिणाम नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी के तहत लिया गया फैसला है।

नगर निगम चुनाव और SC समाज का मुद्दा

धनबाद नगर निगम चुनाव को लेकर बबलू पासवान ने अनुसूचित जाति समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर उन्होंने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया और अंततः उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया। उनका कहना है कि यह संघर्ष किसी पद या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि दलित, शोषित और वंचित समाज के सम्मान, प्रतिनिधित्व और अधिकारों के लिए था।

 “अगर हम नहीं लड़ेंगे तो समाज खुद को ठगा हुआ महसूस करेगा”

बबलू पासवान ने कहा कि झारखंड नगर निकाय (आम) चुनाव 2026 के मद्देनजर उनके सामने यह सबसे बड़ा सवाल था कि अगर समाज के लिए आवाज उठाने वाले लोग ही नेतृत्व से बाहर कर दिए जाएं, तो दलित और वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा कौन करेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वे चुनाव नहीं लड़ते, तो उनके समर्थक और समाज के जरूरतमंद लोग खुद को ठगा हुआ महसूस करते। इसी विश्वास और जनभावनाओं को देखते हुए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

चार फरवरी को नामांकन, आगे की रणनीति पर मंथन

शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान ने जानकारी दी कि वे 4 फरवरी 2026 को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वे अपने समर्थकों और समाज के लोगों के साथ बैठक कर आगे की चुनावी रणनीति तय करेंगे।

 “मेरा उद्देश्य राजनीति नहीं, जनसेवा है”

बबलू पासवान ने दो टूक कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता या राजनीति नहीं, बल्कि जनसेवा और सामाजिक न्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी दलित, शोषित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे — चाहे किसी भी मंच से क्यों न हो।