एमपी: राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 'रडार से बचाने वाले बादल' बयान का उड़ाया मजाक

  • मर जाऊंगा लेकिन नरेन्द्र मोदी के मां-बाप के बारे में कभी बात नहीं करूंगा
  • मैं कांग्रेस हूं. जितनी गालियां वह मुझे देते हैं, हम उन्हें उतना ही प्यार देंगे
मंदौसर: कांग्रेस प्रसिडेंट राहुल गांधी ने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के 'रडार से बचाने वाले बादल' वाले दावे का मजाक उड़ाया है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मोदी कहते हैं किवायुसेना के लोग बैठे थे, बालाकोट की बात चल रही थी, वायुसेना के लोगों ने कहा, बमिंग करना है, वे मेरे (मोदी) पास आये और कहा कि मौसम खराब है.इसके बाद नरेंद्र मोदी जी वायुसेना के अफसरों से कहते हैं इससेफायदा होगा. बादल में, आंधी में, तूफान में रडार हवाई जहाज को नहीं देख पायेगा.' राहुल ने पीएम के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, 'अच्छा नरेंद्र मोदी जी जब भारत में बारिश, आंधी-तूफान आता है तो क्या पूरे के पूरेहवाई जहाज रडार से बाहर हो जाते हैं?' राहुल ने मंगलवार को नीमच में मंदसौर की कांग्रेस कैंडिडेट जयंती नटराजन के समर्थन में आयोजित जनसभा में यह बात कही.मौके पर एमपी सीएम कमलनाथ व छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी मौजूद थे. राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि'आपने आम खाना और कुर्ता काटना तो देश के लेागों को सिखा दिया, मगर ये बता दीजिए कि बीते पांच सालों में हिंदुस्तान के करोड़ों बेरोजगार युवाओं के लिएक्या किया. आपने किसानों का साथ देने का वादा किया था, लेकिन मंदसौर में किसानों पर आपकी पुलिस (शिवराज कार्यकाल) ने गोली चलाई, तब आप खड़े नहीं दिखे. राहुल ने कहा कि मैं मर जाऊंगा लेकिन नरेन्द्र मोदी के मां-बाप के बारे में कभी बात नहीं करूंगा. मैं भाजपा नहीं हूं, मैं कांग्रेस हूं. जितनी गालियां वह मुझे देते हैं, हम उन्हें उतना ही प्यार देंगे. हम इस चुनाव में नरेन्द्र मोदी को प्यार से हरायेंगे. हम गले लगकर उन्हें हरायेंगे. राहुल ने कहा कि भ्रष्टाचार के बारे में नरेन्द्र मोदी मुझसे बात ही नहीं करते. मैंने कितनी बार कहा कि इस मुद्दे पर मुझसे 15 मिनट बहस कर लें लेकिन वह नहीं करते, क्योंकि चौकीदार (जनता बोली चोर है) राफेल पर बात नहीं करते. राहुल बोले क्योंकि चौकीदार (जनता बोली चोर है). पाक पर बम बरसाने वाले पूर्व फाइटर ने किया रडार पर मोदी के बयान का बचाव [caption id="attachment_32959" align="alignnone" width="300"] एक्स एयर मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया.[/caption] नई दिल्ली: प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के 'रडार विज्ञान' की वजह से सोशल मीडिया में उनकी बहुत किरिकिर हो रही है. लोग एक तरफ पीएम के बादलों वाले तर्क को हास्यापद बता रहे हैं तो कुछ लोग उनके'रडार विज्ञान' का समर्थन भी कर रहे हैं. पीएम का कहना है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के समय बादलों की वजह से संभवत: फायदा मिला था. भोपाल में एक्स एयर वायस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया जो 1971 के युद्ध में बीकानेर बॉर्डर के हवाई हमले में खुद शामिल थे ने ने एक निजी चैनल से बात की. विक्रम को इस हमले में युद्धबंदी बनना पड़ा था.विक्रम पांच माह तीन दिन और 8 घंटे पाकिस्तान में यातना सही. जेल से रिहा होने के बाद राष्ट्रपति वीवी गिरी ने विक्रम को1973 में वीर चक्र से सम्मानित किया था.पेठिया ने बताया कि बादल और बारिश वाले मौसम मेंएयरक्राफ्ट उड़ाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है और ऐसी स्थिति से बचने की कोशिश की जाती है। छोटे-मोटे बादलों से तो रडार को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता लेकिन यदि न घने बादल हैं तो लड़ाकू विमानों की बिल्कुल सहीजानकारी मिलना कठिन होती है.