- बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र हैं इंदौर से बीजेपी एमएलए आकाश
- आकाश समेत 11 के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा की एफआइआर
- पुलिस ने अरेस्ट कर कोर्ट में किया पेश, रात में ही भेजे गये जेल
- कोर्ट ने बेल अरजी खारिज की, सात जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजे गये
- स्टाफ व अफसर के विवाद में आपा खो क्रिकेट बैट से ही पिटाई करने लगे एमएलए
इंदौर: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे व इंदौर-3 के एमएलए आकाश विजयवर्गी को म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन के अफसर के साथ मारपीट करने के मामले में बुधवार की देर शाम एमपी की एमजी रोड पुलिस स्टेशन की पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दी है. इससे पहले इंदौर की एक कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान आकाश की बेल अरजी खारिज कर दी. कोर्ट ने आकाश को सात जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में जेलने भेजने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई अब सात जुलाई को होगी. आकाश विजयवर्गीय ने बुधवार सुबह कॉरपोरेशन के अफसर की बैट से पिटाई की थी. एमएलए की हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी. एक्सन में आयी पुलिस आकास के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर अरेस्ट कर ली थी. आकाश पहली बार एमएलए बने हैं.
एमजी रोड पुलिस स्टेशन में आकाश विजयवर्गीय के साथ 10 अन्य लोगों के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 353, 294, 323, 506, 147,148 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा की धारा 353 , 294 , 506, 147, 148 में केस दर्ज किया गया है. कॉरपोरेशन के के भवन निरीक्षण धीरेंद्र बायस की ओर से दर्ज केस में आरोप है कि खाली मकान जो जर्जर था उसे तोड़ने गये थे. एमएलए आकाश और उनके साथियों ने की मारपीट कीव सरकारी कार्य में बाधा डाले.केस दर्ज होने के बाद पुलिस एमएलए को अरेस्ट कर ली. गिरफ्तारी के दौरान एमजी रोड थाने के बाद बड़ी संख्या में आकाश के समर्थक जमा हो गए थे. आकाश को मजिस्ट्रेट गौरव गर्ग के कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने एमएलए के वकील की ।तमाम दलीलों को सुनने के बाद बेल अरजी खारिज कर दी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दे उठाए जा सकते हैं लेकिन सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट नहीं की जा सकती. पुलिस को आकाश विजयवर्गीय को कोर्ट ले जाने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. एमएलए समर्थकों ने कोर्ट परिसर के आसपास इकट्ठा होकर पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
क्या है मामला
इंदौर म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन की टीम गंजी कंपाउंड में एक जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने पहुंची थी. लोकल लोगों ने फोन कर इंदौर-3 के एमएलए आकाश को बुला लिया. आकाश ने मौके पर पहुंचकर कॉरपोरेशन के अफसरों को धमकाया.कार्यकर्ताओं ने जेसीबी की चाबी निकाल ली. आकाश ने अफसरों से कहा कि 10 मिनट में यहां से निकल जाना, वर्ना जो भी होगा उसके जिम्मेदार आप लोग होंगे. आकाश की इसी दौरान स्टाफ व अफसरों से कहासुनी हो गयी. गुस्साये आकाश ने अफसर को बैट से पीटना शुरू कर दिया. समर्थकों ने अफसर की कपड़े उतारने की कोशिश की,मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य लोगों ने एमएलए को पकड़कर शांत करवाया.विवाद के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एमजी रोड पुलिस स्टेशन का घेराव किया.मारपीट के विरोध में कॉरपोरेशन के स्टाफ ने काम बंद कर दिया था.
आकाश ने आरोप लगाया कि कॉरपोरेशन के अफसरों ने महिलाओं को घसीटकर घरों से बाहर निकाला था और ऐसी किसी कार्रवाई के दौरान उनके साथ महिला पुलिस को होना चाहिए था. मैं चुना हुआ प्रतिनिधि हूं, जब मैं वहां पहुंचा तो लोग गुस्से में थे और अधिकारी को भगा रहे थे. जिससे मुझे गुस्सा आ गया. आकाश ने मीडिया से कहा कि मैं बहुत गुस्से में था. मैंने क्या कर दिया मुझे नहीं पता. आकाश विजयवर्गीय ने साफ तौर कर कहा कि कर्मचारियों पर बल्ला चलता रहेगा.