मोन रेल से माइंस में जाते नीति आयोग के उपाध्यक्ष.धनबाद: नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे. राजीव कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. राजीव कुमार के साथ आयी हाइ लेवल की टीम मोनो रेल से बीसीसील की मुनीडीह डीप माइंस का निरीक्षण किया. नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने अंडर ग्राउंड फयर को कम कर कोल प्रोडक्शन पर जोर दिया.
उन्होंने कहा है कि कोल प्रोडक्शन में वृद्धि से भारत आत्मनिर्भर होगाऔर दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी. राजीव कुमार का बरवाअड्डा हवाईपट्टी पर हेलीकॉप्टर से उतरने पर वेकलम किया गया. श्री कुमार हवाई अड्डा से मुनीडीह गये और माइंस का निरीक्षण किया. राजीव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य झरिया की कोल माइंस की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है. अंडर ग्राउंड फायर को कम कर अधिक कोयला उत्पादन करना है. वह इसके लिए केंद्र सरकार को रिपोर्ट देंगे.
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश की अन्य कोल माइंस की की भी प्रोडक्शन कैपिसीटी बढ़ेगी. राजीव कुमार ने झरिया पुनर्वास पर बातचीत में कहा कि उन्होंने आज यह जानने का भी प्रयास किया कि लोग फायर एरिया से हट क्यों नही रहे हैं.उन्होंने पुनर्वास किए जाने वाले लोगों के रोजगार को लेकर भी बीसीसीएल और धनबाद जिला प्रशासन से बात की. नीती आयोग के उपाध्यक्ष ने आउट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दिये जाने को गंभीर मामला बताया.
राजीव कुमार ने स्टेट गर्वमेंट के अफसर व कोल अफसरों के साथ देश की सबसे बड़ी पुर्नवास योजना झरिया के पुनर्वास योजना की समीक्षा की. वह बेलगड़िया जाकर पुनर्वासित लोगों से मिले व विस्थापितों से बात की. अफसरों से भी उनका पक्ष जाना. नीति आयोग के उपाध्यक्ष के साथ आयी टीम देर शाम झरिया से वापस रांची लौट गयी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष व टीम बुधवार को रांची में सीएम की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी के साथ राज्य और केंद्र के बीच लंबित मामलों को लेकर बैठक करेगी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष के साथ डॉ. राजीव के साथ एडिशनल सेक्रेटरी नीति आयोग आरपी गुप्ता, झारखंड के माइंस सेकरेटरी एबी सिद्दीकी, नीति आयोग के कशिश मित्तल, सेंट्रल गर्वमेंट के परियोजना सलाहकार डॉ. अनिंदय सिन्हा, संयुक्त सलाहकार हरेंद्र कुमार समेत बीसीसीएल और सीसीएल के अफसर मौजूद थे.
उल्लेखनीय है कि झरिया फायर एरिया केलोगों के पुर्नवास के लिए अब तक 4312 फ्लैट बनकर तैयार हैं. इनमें कुछ में लोगों को पुनर्वासित भी किया गया है. बीसीसीएल यहां अपने कर्मियों के लिए अलग से फ्लैट भी बना रही है. पुर्नवास योजना के तहत चार हजार फ्लैट के दिसंबर तक पूरा होने की सूचना है. चार हजार और फ्लैट के लिए काम भी शुरू होना है, जिसके लिए टेंडर हो चुका है.