- दुनियाभर में 3300 से अधिक लोगों की मौत
- हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीसी की
- कोरोना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की
- बोले योगगुरु रामदेव-प्राणायाम और आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन से करें बचाव
नई दिल्ली।इंडिया में कोरोना वायरस से ग्रसित पेसेंट की संख्या 31 हो गई है। थाईलैंड और मलेशिया की यात्रा करने वाले दिल्ली के एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। दिल्ली के राममनोहर लोहिया हस्पीटल में उसका इलाज चल रहा है। हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों व मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर कोरोना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। कोरोना के इलाज के दौरान खुद के बचाव के लिए देशभर के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया गया।
हेल्थ मिनिस्टरी ने छत्तीसगढ़ में कोरोना से ग्रसित एक व्यक्ति के मिलने की खबरों का खंडन किया है। हर्षवर्धन ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों व मुख्य सचिवों के साथ वीसी की। वीसी में संबंधित राज्यों में कोरोना के ग्रसित मरीजों के इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों और बड़े पैमाने पर वायरस के फैलने की स्थिति में लोगों की जांच के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने राज्य सरकारों को अपने तमाम संसाधन का उपयोग कर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति सचेत करने लिए कहा कि ताकि वे इससे बचने के लिए स्वच्छता के सामान्य नियमों को अपना सकें। लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से परहेज करने के प्रति जागरूक करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को इस अभियान में सांसद, विधायक, मेयर समेत तमाम जनप्रतिनिधियों की भी मदद लेनी चाहिए।
हेल्थ मिमिस्टर ने कहा कि कोरोना के इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सबसे अहम है और इसके लिए भी राज्यों को पर्याप्त प्रबंध करना होगा। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में शुक्रवार को 280 स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई। वर्चुअल ब्रॉडकास्टिंग के जरिये एक हजार अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इसमें हिस्सा लिया। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे। उन्होंने राज्यों को अपने यहां भी स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसी ट्रेनिंग देने को कहा। बैठक में विदेश, जहाजरानी और पर्यटन मंत्रालय के साथ आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हिस्सा लिया।विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग लागू करने के बाद सरकार ने नौ नए हवाई अड्डों पर इस सुविधा का विस्तार कर दिया है। अभी तक 21 हवाई अड्डों पर यह सुविधा थी, जो अब बढ़कर 30 हो गई है।
दिल्ली के एक व्यक्ति के कोरोना वायरस की पुष्टि
दिल्ली के एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है। हेल्थ मिनिस्टरी ने कहा कि उसके संपर्क में आने वालों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि अगले 14 दिनों तक उनकी निगरानी की जा सके। दिल्ली के उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल ने विदेश से लौटने वाले दो रेल कर्मियों को बुखार और खांसी से पीडि़त होने की सूचना दी। उन दोनों को कोरोना के इलाज के लिए चयनित राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। अभी तक उनके कोरोना वायरस से ग्रसित होने की पुष्टि नहीं हुई है। उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। दोनों को अपने घर पर ही 14 दिनों तक अलग-थलग रहने को गया है।
ईरान में फंसे भारतीयों को लाने से पहले होगी जांच
इसके साथ ही ईरान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के पहले कोरोना की जांच का फैसला करने के बाद सरकार ने वहां से 300 भारतीयों की लार का नमूना लाने की तैयारी में है। इसे जांच के लिए पुणे की इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजा जाएगा। रिपोर्ट में कोरोना से ग्रसित नहीं पाए जाने वाले भारतीयों को ही वापस लाया जाएगा।
भारत-पाक सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी स्थगित
भारत-पाक सीमा पर अटारी में होने वाली रिट्रीट सेरेमनी अगले आदेशों तक स्थगित कर दी गई है। राष्ट्रीय ध्वज उतारने की रस्म जारी रहेगी, लेकिन इसमें सैलानियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस सेरेमनी को देखने के लिए रोजाना 25 से 30 हजार तक सैलानी पहुंचते हैं।
29,607 लोग निगरानी में
सेंट्रल हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने लोकसभा को बताया कि 29,607 लोगों को पांच मार्च तक निगरानी में रखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि चीन के वुहान शहर से एक और दो फरवरी को 654 लोगों को भारत लाया गया था। उन्हें सेना और आइटीबीपी के अस्पतालों में 14 दिनों तक अलग वार्ड में निगरानी में रखा गया। इन लोगों की दो बार जांच की गई और निगेटिव रिपोर्ट आने पर 17 और 18 फरवरी को इन्हें घर जाने की इजाजत दी गई। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को 112 और लोगों को वुहान से निकाला गया। इनमें 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक शामिल थे।
85 देशों में फैला वायरस
चीन से फैला कोरोना वायरस दुनिया के करीब 85 देशों तक फैल चुका है।दुनियाभर में इसके मरीजों की संख्या एक लाख के पार पहुंची।3,300 मरीजों की इस बीमारी से दुनियाभर में मौत हो चुकी है।एयरलाइन और ट्रैवल एजेंसियों पर इस महामारी की सबसे बड़ी मार पड़ी है।
35 दवाएं कोरोना वायरस के इलाज में कारगर
एक सर्वे में कहा गया है कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और चीन में 35 दवाएं इस बीमारी में काम कर रही हैं। यह सर्वेक्षण जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी न्यूज ने करवाया है। कहा गया है कि ये दवाएं ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन और सनोफी जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर मॉडर्ना और ग्लीड साइंसेज जैसी छोटी कंपनियों की हैं। शोधकर्ताओं को अब भी लगता है कि इसके वैक्सीन का आविष्कार करने में कम-से-कम 12 माह का समय लगेगा।
कोरोना से बचने के उपाय
विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई अन्य संगठनों द्वारा कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ खास बचाव के उपाय बताए हैं।छह वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक वाले ज्यादा सवाधान रहें। वायरस से निपटने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा है। दिन में कम से कम पांच बार हाथ धुलने का सुझाव दिया। डब्ल्यूएचओ ने हाथ को कब और कैसे धुलने का तरीका भी बताया है।
छींकने और खांसने के बाद।
बीमार व्यक्ति से मुलाकात के बाद।
शौचालय के इस्तेमाल के बाद।
खाने बनाने और खाने के बाद।
पशुओं को छूने के बाद।
खांसी या छींकने पर टिशू का इस्तेमाल करें या कोहनी से ढकें।
अगर कोई व्यक्ति आपके बिल्कुल पास में खांसी या छींके तो कुछ सेकेंड तक टुकड़ों में सांस लें।
जो लोग छींक रहे हों, उनसे दूरी बनाकर रखें। जब कोई आपके आस-पास छींक रहा हो तो उससे दूर हट जाएं और अपने मुंह को ढकने की कोशिश करें।
लोगों को बार-बार अपने चेहरे को छूने से बचना चाहिए। उन्होंने एक ट्वीट के जरिए कहा कि अपने चेहरे, नाक और आंखों को न छुएं।
डॉक्टर लोगो को कोरोना इंफेक्शन से बचने के लिए एन 95 मास्क पहनने की सलाह दी जाती है।
लिफ्ट में बटन दबाने के लिए करें पेन का प्रयोग
दरवाजे के हत्थे को संभलकर छुए
कमरे का तापमान ज्यादा रखें
ताजा हवा के लिए खिड़कियां खोले रखें
अंडा और मांस से रखें दूरी
यदि आपको खांसी और बुखार आ रहा हो तो लोगों से दूरी बनाए रखें।
अपनी आंख, मुंह और नाक को बार-बार न छुएं।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।
खेतों की ओर जाने, जीवित पशुओं के बाजार में जानें से बचें।
जीवित पशुओं के संपर्क में आने और अधपके मांस को खाने को बचें।
जहां जानवर का वध किया जाता हो, वहां जानें से बचें।
बुखार, खांसी और जुकाम हो तो यात्रा न करें।
कोरोना के लक्षण
अचानक तेज बुखार होना
तेज बुखार, जुकाम और खांसी होना।
शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी
लिवर और किडनी में परेशानी
सांस में तकलीफ होना
निमोनिया के लखण दिखना
पाचन क्रिया में अचानक तकलीफ होना।
ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुये सरकार ने दवाओं के मामले में एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। देश में दवाओं की कमी नहीं हो इसके लिये सरकार ने मंगलवार को पैरासेटामोल और 25 अन्य दवा सामग्रियों और उनसे बनने वाली दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। भारत खुद जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा विनिर्माता है। सरकार ने दर्द निवारक दवा, बुखार में काम आने वाले पेरासेटमोल,एंटीबायोटिक मैट्रोनिडजोल तथा विषाणुओं के इलाज में काम आने वाली दवा के साथ ही विटामिन बी1 और बी12 के निर्यात को फिलहाल प्रतिबंधित कर दिया है।
हल्दी काली मिर्च गिलोय अदरक और तुलसी का काढ़ा बनाकर नियमित सेवन करने से कोरोना वायरस का अटैक कभी नहीं होगा: बाबा रामदेव

रांची। योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा है कि कोरोना वायरस से भारत के लोगों को डरने की जरुरत नहीं है।तीन प्रकार के प्राणायाम और पांच तरह की आयुर्वेदिक औषधियों से इस वायरस से होने वाली बीमारी से दूर रहा जा सकता है। वह शुक्रवार को कोडरमा जिले के मरकच्चो में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। योग गुरु रामदेव कोडरमा के मरकच्चो में आयोजित 11 दिवसीय महायज्ञ में शामिल होने पहुंचे थे।
गिलोय का सेवन कर दूर भगा सकते हैं कोरोना वायरस
योगगुरु ने कहा कि स्त्रिका,कपालभाति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास करने व हल्दी,काली मिर्च, गिलोय,अदरक व तुलसी का काढ़ा बनाकर नियमित सेवन से कोरोना वायरस प्रभावित नहीं करेगा। जिन्हें कोरोना वायरस अटैक किया है, वह सुबह शाम इस औषधीय काढ़ा का सेवन करें। जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वे सुबह-शाम गिलोय का सेवन कर इसे दूर भगा सकते हैं। कोरोना वायरस से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इससे मुकाबला करने के लिए योग सबसे बेहतर और आसान तरीका है।
यज्ञ में भाग लेने कोडरमा मरकच्चो पहुंचे थे योग गुरु
इससे पूर्व मरकच्चो पहुंचने के बाद बाबा रामदेव यज्ञ मंडप की परिक्रमा की और यजमानों को आशीर्वाद दिया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों को योग से निरोग रहने की सलाह दी। शराब, गुटखा जैसे दुव्र्यसनों से दूर रहने को कहा। उन्होंने कई योगाभ्यास भी करके दिखाए। साथ ही लग-अलग योगासनों से होनेवाले फायदे के बारे में बताया। बाबा ने उपस्थित लोगों को गायत्री मंत्र का उच्चारण कराया। मौके पर पतंजलि योग समिति की ओर से भी हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हवन में योग गुरु रामदेव के साथ कोडरमा एमपी अन्नपूर्णा देवी, एमएलए नीरा यादव के अलावा पतंजलि योग समिति और यज्ञ समिति के लोग शामिल हुए।