- टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में हिंसक
- टीएमसी व लेफ्ट कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी कर काले झंडे दिखाये
- सीएम ममता ने बीजेपी पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया
- बीजेपी इलेक्शन कमीशन को कंपलेन की
कोलकाता: बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह की मंगलवार की शाम कोलकाता टाउन की रोड शो में जमकर बवाल हुआ. टीएमसी, वाम दल बीजेपी कार्यकर्ता के बीच कई जगहों पर भिड़ंत हुई. रोड शो के दौरान पथराव व आगजनी भी हुई है. पथराव में बीजेपी समर्थकों के अलावा कई मीडियाकर्मी को भी चोट लगी है. पुलिस ने स्थिति कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज की.अमित शाह ने हंगामा के बाद रोड शो खत्म कर दिया.
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अमित शाह का रोड शो.[/caption]
बीजेपी ने इलेक्शन कमीशन से मामले की कंपलेन की है. बंगाल की सीएम व टीमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी ने पहले से ही हिंसा की योजना बनाई थी. बीजेपी ने बाहर से गुंडे बुलवाकर कोलकाता यूनिवर्सिटी कैम्पस में हमला करवाया. बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह ने कहा कि कोलकाता में रोड शो की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही थी. रोड शो में लगभग सभी नागरिक हिस्सा थे. टीएमसी के कार्यकर्ता इससे भड़क गये और हमला किया. टीएमसी की हमला व हिंसा के बावजूद इसके रोड शो पूरा हुआ, इसके लिए मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई का पात्र मानता हूं. मैं ममता बनर्जी की पार्टी द्वारा की गई इस हिंसा की निंदा करता हूं. मैं बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि वे इसका जवाब आखिरी चरण के चुनाव में वोट के जरिए दें. राज्य से हिंसा को बाहर करने के लिए टीएमसी को एकबार हराना होगा.

बताया जाता है कि कोलकाता यूनिवर्सिटी के सामने तृणमूल छात्र परिषद और लेफ्ट विंग के कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के खिलाफ नारे लगाते हुए काला झंडा दिखाया. अमित शाह के काफिले की ट्रक पर डंडे फेंके जाने से विवाद हो गया रोड शो कॉलेज स्ट्रीट पर कलकत्ता यूनिवर्सिटी के बाहर से गुजरा तो बीजेपी और वाम दलों के छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई. पत्थरबाजी होने लगी और आगजनी की गयी. भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं में भी झड़प हो गई. भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी हॉस्टल के गेट बंद कर दिए और पत्थरबाजी की. इस दौरान कुछ लोगों ने विद्यासागर कॉलेज में लगी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को भी तोड़ दिया.

पुलिस का कहना कि रोड शो के दौरान ही एक कॉलेज के हॉस्टल से अमित शाह के काफिले पर पथराव किया गया, इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस बिल्डिंग का घेराव कर जवाबी हमला किया. कॉलेज के बाहर आगजनी की. इसके पहले रोड शो के लिए सड़क किनारे लगे पार्टी के बैनरों और पोस्टरों को हटाए जाने पर भी जमकर विवाद हुआ.
पुलिस ने रोड शो से पहले पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह तथा पार्टी कैंडिडेट राहुल सिन्हा के कटआउट्स और फ्लेक्स लेनिन सरनी से बड़ी संख्या में हटा दिये. बीजेपी ने राज्य प्रशासन पर 'गुंडागर्दी' करने का आरोप लगाते हुए उसकी कार्रवाई को रोड शो में खलल डालने की कोशिश करार दिया था. पुलिस ने दावा किया कि उसने चुनाव आयोग के निर्देश पर फ्लेक्स हटाने की मुहिम चलाई है, क्योंकि ये बगैर इजाजत सरकारी संपत्ति पर लगाये गये थे. बीजेपी को सिर्फ रोड शो की अनुमति है, लेकिन इसने जगह-जगह अस्थाई प्लेटफॉर्म (मंच) बना लिए थे.

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एसप्लैनेड के निकट धरना देकर आरोप लगाया कि पुलिस रोड शो रास्ते में झंडे, पोस्टर्स नहीं लगाने दे रही है. अमित शाह के रोड शो से पहले पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर उतारने का विडियो वायरल हउआ. इसके बाद टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई. इसके बाद शाम को लगबघ 4.30 बजे अमित शाह ने सेंट्रल कोलकाता के एसप्लैनेड से उत्तरी कोलकाता के स्वामी विवेकानंद हाउस तक का रोड शो शुरू किया. रोड शो में भारी भीड़ जुटीय बीजेपी समर्थक 'जय श्री राम', 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' तथा 'अमित शाह जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे. रोड शो में कुछ लोग भगवान राम तथा हनुमान की वेशभूषा में थे.
सीएम ममता बनर्जी ने हंगामे के बाद ममता विद्यासागर कॉलेज का दौरा किया. कॉलेज में ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.'बीजेपी हताश हो चुकी है. वे हमारी महान विभूतियों का भी सम्मान नहीं करते हैं. वे विद्यासागर की प्रतिमा को कैसे तोड़ सकते हैं? हम इसके खिलाफ एक विरोध रैली करेंगे.उन्होंने कहा कि बीजेपी के खिलाफ हर एक वोट विद्यासागर की प्रतिमा पर हमले का बदला होगा.