झारखंड में VIP सुरक्षा पर सख्ती: 24 घंटे में अंगरक्षकों की रिपोर्ट तलब, हाई लेवल पर होगी समीक्षा

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने VIP/VVIP सुरक्षा में तैनात अंगरक्षकों की 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। प्रिंस खान गैंग कनेक्शन के खुलासे के बाद पूरे सिस्टम की समीक्षा शुरू।

झारखंड में VIP सुरक्षा पर सख्ती: 24 घंटे में अंगरक्षकों की रिपोर्ट तलब, हाई लेवल पर होगी समीक्षा
अब सभी वीआइपी अंगरक्षकों की होगी समीक्षा।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में VIP और VVIP सुरक्षा को लेकर अब बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को 24 घंटे के भीतर सुरक्षा में तैनात अंगरक्षकों का पूरा ब्योरा सौंपने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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आईजी अभियान की ओर से जारी इस निर्देश को अति-आवश्यक श्रेणी में रखा गया है, जिससे साफ है कि मुख्यालय इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

किन-किन जानकारियों की मांगी गई रिपोर्ट?

मुख्यालय द्वारा तय फॉर्मेट में जिलों से 6 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है—

किन-किन VIP/VVIP या अन्य व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है
प्रत्येक व्यक्ति के साथ तैनात अंगरक्षकों की संख्या
अंगरक्षकों की तैनाती कब से है
उनके पास मौजूद हथियारों का पूरा विवरण
सुरक्षा देने का आधिकारिक आदेश
सुरक्षा की वर्तमान जरूरत और औचित्य
प्रिंस खान गैंग कनेक्शन के बाद बढ़ी सख्ती

यह पूरी कवायद तब तेज हुई जब कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक मिलने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि वह न सिर्फ गैंग के लिए काम कर रहा था, बल्कि अंगरक्षकों के साथ खुलेआम घूमता था। रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में मनीष गोप हत्याकांड की जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि राणा राहुल प्रताप के पास हथियार का लाइसेंस भी था और वह कारोबारियों की रेकी कर गैंग तक सूचना पहुंचाता था।

अब होगी व्यापक समीक्षा, हट सकते हैं कई अंगरक्षक

पुलिस मुख्यालय अब पूरे राज्य में VIP सुरक्षा सिस्टम की गहन समीक्षा करने जा रहा है। इसमें— अनावश्यक रूप से तैनात अंगरक्षकों को हटाया जाएगा। जरूरत के अनुसार संख्या घटाई या बढ़ाई जाएगी। लंबे समय से एक ही व्यक्ति के साथ तैनात गार्ड्स का ट्रांसफर होगा। संदिग्ध मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दुरुपयोग की शिकायतों पर भी सख्ती होगी। मुख्यालय को पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं कि कुछ VIP अपने अंगरक्षकों का दुरुपयोग करते हैं। कई मामलों में अंगरक्षक— दबाव बनाने, धमकाने व  गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं। अब ऐसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

बड़े बदलाव के संकेत

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि झारखंड में VIP सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने वाला है। पुलिस मुख्यालय न सिर्फ पारदर्शिता लाना चाहता है, बल्कि सुरक्षा संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित करना चाहता है। आने वाले दिनों में कई VIPs की सुरक्षा घट सकती है, जबकि कुछ मामलों में सुरक्षा पूरी तरह हटाए जाने की भी संभावना है।