RSS किसी का विरोधी नहीं, विरोधियों से भी संवाद करते हैं स्वयंसेवक, 100 साल में 11 करोड़ घरों तक पहुंच: रामलाल

रांची में RSS के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि संघ किसी का विरोधी नहीं है। 100 वर्षों की यात्रा में 11 करोड़ घरों तक संपर्क और 70 हजार से अधिक सेवा कार्यों का दावा।

RSS किसी का विरोधी नहीं, विरोधियों से भी संवाद करते हैं स्वयंसेवक, 100 साल में 11 करोड़ घरों तक पहुंच: रामलाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामलाल>

रांची (Threesocieties.com Desk): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने शनिवार को रांची में बड़ा बयान देते हुए कहा कि संघ किसी का विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ का विरोध करने वालों से भी स्वयंसेवक संवाद करते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करते हैं।

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रांची के फिरायालाल बैंक्वेट हॉल में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामलाल ने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल देश और समाज के लिए चरित्रवान व्यक्तियों का निर्माण करना है।

“संघ विरोधियों से भी करता है संवाद”

रामलाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति RSS का विरोध कर सकता है, लेकिन स्वयंसेवक ऐसे लोगों से भी मिलते हैं और संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ समाज को जोड़ने और अनुशासन में चलने की प्रेरणा देता है।

“देश के लिए हर चुनौती स्वीकार करता है संघ”

रामलाल ने कहा कि जब भी देश के सामने कोई चुनौती आती है, संघ के स्वयंसेवक उसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की घटना का जिक्र करते हुए मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी का उदाहरण दिया।

100 वर्षों की यात्रा और 11 करोड़ घरों तक पहुंच

संघ के 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए रामलाल ने बताया कि संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को शुरुआती दौर में कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत आधार दिया। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के मौके पर चलाए जा रहे गृह संपर्क अभियान के तहत अब तक 11 करोड़ घरों तक पहुंच बनाई गई है, जिसमें उन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है जहां हिंदू आबादी कम है।

“हर वर्ग के लोग जुड़ रहे हैं संघ से”

रामलाल ने कहा कि संघ के कार्यक्रमों में अब ईसाई और मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हो रहे हैं। संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों में सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ रही है।

70 हजार से अधिक सेवा कार्य, शिक्षा पर भी फोकस

उन्होंने बताया कि संघ द्वारा देशभर में 70 हजार से अधिक सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा विद्या भारती के माध्यम से 25 हजार से अधिक विद्यालय संचालित हैं, जबकि एकल अभियान दूरदराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा का काम कर रहा है।

“एक घंटे की शाखा से होता है व्यक्तित्व निर्माण”

रामलाल ने कहा कि संघ की एक घंटे की शाखा व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को शाखा में भेजें, ताकि उनमें अच्छे संस्कार विकसित हो सकें।

“संघ को समझना है तो शाखा में आएं”

उन्होंने कहा कि संघ के बारे में कई तरह की बातें इंटरनेट मीडिया पर आती रहती हैं, लेकिन संघ हर बात का जवाब नहीं देता। संघ को सही मायनों में समझना है तो शाखा में आकर या स्वयंसेवकों के आचरण को देखकर समझा जा सकता है।

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

कार्यक्रम में संजय सेठ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इसके अलावा संघ के विभिन्न पदाधिकारी और रांची के 1000 से अधिक प्रमुख नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।