नई दिल्ली। रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की दिल्ली बेंच ने दिवालिया घोषित कर दिया है। यह फैसला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनाया गया है।
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कंपनी यूनियन बैंक का लोननहीं लौटा पा रही थी। इस कारण उसे दिवालिया घोषित करते हुए हितेश गोयल को नया IRP नियुक्त किया गया है।इस कंपनी की एनसीआर में कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं।NCLT में केस आने के बाद Supertech के होम बायर्स को समाधान का एक रास्ता मिल गया है। इससे अब उनके फ्लैट का पजेशन जल्दी मिलने की उम्मीद जगी है। NCLT में केस आने से अब प्रोजेक्ट को पूरा करने में आने वाली दिक्कतों पर फोकस किया जाए। इसलिए तत्काल ही हितेश गोयल को IRP बनाया गया है। अब वे कंपनी के प्रोजेक्ट को जल्दी निपटाने में मदद करेंगे।
सुपरटेक ने कहा फैसले के खिलाफ अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील होगी
उल्लेखनीृय है कि सुपरटेक में लगभग 25 हजार होम बायर्स का भविष्य दांव पर है। एनसीएलटी के इस फैसले से होम बायर्स भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, सुपरटेक ने बयान जारी कर बताया है कि इस फैसले के खिलाफ अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT ) में अपील करेगी। सुपरटेक ने कहाहै कि होम बायर्स के हित में प्रोजेक्ट के निर्माण और वितरण को प्राथमिकता दी गई थी। पिछले सातवर्षों के दौरान हमारे पास 40,000 से अधिक फ्लैट वितरित करने का एक मजबूत रिकॉर्ड है। हम अपने "मिशन कंप्लीशन 2022" के तहत अपने खरीदारों को डिलीवरी देना जारी रखेंगे। इसके तहत हमने दिसंबर, 2022 तक 7000 यूनिट देने का लक्ष्य रखा है।
सुपरटेक लिमिटेड की एनसीआर-गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई प्रोजेक्टस हैं। सुपरटेक लिमिटेड द्वारा बनाये गये फ्लैटों के कब्जे के लिए 25,000 से अधिक घर खरीदार इंतजार कर रहे हैं।