राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन: 7 ठिकानों पर पुलिस की रेड, कैश-ज्वेलरी और संपत्ति के दस्तावेज जब्त
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने छह आरोपियों के सात ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की। नकदी, आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस अब निवेश, बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच कर रही है।
HighLights:
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में छह आरोपियों के सात ठिकानों पर छापेमारी।
- पुलिस ने नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए।
- आरोपियों के बैंक खातों, निवेश और कॉल डिटेल की जांच शुरू।
- कई आरोपियों के परिजनों से घंटों पूछताछ, वित्तीय लेनदेन खंगाले जा रहे।
- अब तक जांच में 79.85 लाख रुपये की बरामदगी का दावा।
- पुलिस आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों और महंगे भूखंडों की भी जांच करेगी।
अयोध्या (Threesocieties.com Desk): राम मंदिर में चढ़ावे और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की कथित चोरी के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद अब अयोध्या पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को पुलिस की छह टीमों ने मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज, नकदी और आभूषण बरामद किए।
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विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी (सीओ) अयोध्या आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। पुलिस टीमों के साथ लेखपाल और महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था ताकि तलाशी और दस्तावेजी कार्रवाई विधिसम्मत ढंग से पूरी की जा सके।
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नकदी, गहने और निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान आरोपियों के घरों से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, बैंक पासबुक, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, निवेश संबंधी दस्तावेज और संपत्ति खरीद के कागजात बरामद हुए हैं। हालांकि पुलिस ने बरामद नकदी और आभूषणों की सटीक मात्रा सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित चोरी की रकम को कहां और किन माध्यमों से निवेश किया गया। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने महंगे भूखंड, भवन और अन्य संपत्तियों में निवेश किया है।
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बैंक खाते और कॉल डिटेल भी जांच के दायरे में
जांच का दायरा अब केवल नकदी और संपत्ति तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों, वाहनों और अन्य निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है।
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इन ठिकानों पर हुई छापेमारी
पुलिस टीमों ने स्वर्गद्वार मोहल्ले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के घर, नयाघाट क्षेत्र में रमाशंकर मिश्र के आवास, कौशलपुरी फेज-2 में अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्र के घरों सहित कई अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।रुदौली क्षेत्र के ठाकुरान फगौली गांव में लवकुश मिश्र के घर भी पुलिस पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। वहीं, मिल्कीपुर क्षेत्र के बसावां गांव स्थित अनुकल्प मिश्र के पैतृक घर की भी तलाशी ली गई।
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परिजनों से घंटों पूछताछ
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों और पड़ोसियों से कई घंटों तक पूछताछ की। कुछ स्थानों पर पुलिस को विरोध और बहस का भी सामना करना पड़ा। टिन्नू यादव के घर पर पहुंचे अधिकारियों से उसके रिश्तेदारों की तीखी बहस भी हुई।वहीं, आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई ने साफ कहा कि यदि उसके भाई ने अपराध किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए और वह उसके बचाव में खड़ा नहीं होगा।
79.85 लाख रुपये की बरामदगी का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक इस मामले में करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और वित्तीय जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
29 जून तक न्यायिक हिरासत में आरोपी
मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है ताकि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा सके।यह मामला चोरी, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद इस कार्रवाई को राम मंदिर से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है।






