बिहार: खान सर की बढ़ीं मुश्किलें! अवैध हथियार वाले बॉडीगार्ड रखने का खुलासा, पटना पुलिस करेगी बड़ा एक्शन
पटना में खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में खान सर के निजी बॉडीगार्ड के हथियार लाइसेंस में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अब दोनों के लाइसेंस रद्द करने की तैयारी चल रही है।
HighLights:
- पटना पुलिस जांच में खान सर के दोनों निजी बॉडीगार्ड के हथियार लाइसेंस में अनियमितताएं सामने आईं
- एक बॉडीगार्ड का लाइसेंस केवल उत्तर प्रदेश के लिए मान्य था, फिर भी बिहार में हथियार का इस्तेमाल किया जा रहा था
- दूसरे गार्ड का लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए जारी हुआ था, लेकिन इस्तेमाल किया जा रहा था सुरक्षा ड्यूटी में
- पुलिस दोनों हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करने की तैयारी में
- 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर पर हुए हमले के दौरान दोनों गार्डों पर फायरिंग करने का आरोप
- दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल जेल में हैं और हथियार जब्त कर
- मामले में खान सर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है।
पटना (Threesocieties.com Desk): चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। पटना पुलिस की जांच में उनके निजी सुरक्षाकर्मियों के हथियार लाइसेंस से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों बॉडीगार्ड हथियार लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं कर रहे थे और अब उनके लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
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मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना से जुड़ा है। उस दिन कोचिंग संस्थान पर हमला और पथराव हुआ था, जिसके बाद फायरिंग की घटना सामने आई। बाद में वायरल हुए वीडियो में खान सर के दोनों निजी सुरक्षाकर्मी हथियार लहराते और फायरिंग करते दिखाई दिए थे।
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि सुरक्षाकर्मी तालेबर सिंह के नाम जारी हथियार लाइसेंस केवल उत्तर प्रदेश में मान्य था। इसके बावजूद वह बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी कर रहा था। इतना ही नहीं, बिहार में हथियार लेकर आने और सुरक्षा कार्य करने के लिए उसने स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को कोई सूचना भी नहीं दी थी।
वहीं दूसरे सुरक्षाकर्मी प्रदीप सिंह के पास ऑल इंडिया परमिट वाला लाइसेंस जरूर था, लेकिन यह लाइसेंस उसे उसके पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उसने इस हथियार का इस्तेमाल निजी सुरक्षा ड्यूटी और फायरिंग में किया, जो लाइसेंस की शर्तों और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है।
पटना पुलिस के अनुसार दोनों हथियारों का सत्यापन कराया गया है और जांच रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। इन्हें केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है, जिससे आने वाले दिनों में खान सर और उनके सुरक्षाकर्मियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल जेल में बंद हैं और उनके हथियार जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस अब उनके हथियार लाइसेंस रद्द कराने और हथियार स्थायी रूप से सीज करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
उधर, इस मामले में खान सर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है। हालांकि अदालत से राहत मिलने के कारण फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की वैज्ञानिक और कानूनी पहलुओं से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो फायरिंग और आर्म्स एक्ट उल्लंघन के मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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