धनबाद: भूली में BCCL की करोड़ों की जमीन पर घमासान: एक जमीन पर तीन दावेदार, BTA ने गिराई अवैध घेराबंदी
धनबाद के भूली पंचवटी नगर में करोड़ों रुपये की 45 डिसमिल जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। BCCL, स्थानीय ग्रामीण और निजी पक्ष जमीन पर दावा कर रहे हैं। BTA ने कार्रवाई करते हुए अवैध घेराबंदी हटाई और मामले की जांच शुरू हो गई है।
Highlights:
- भूली पंचवटी नगर में करोड़ों की जमीन को लेकर विवाद गहराया
- जमीन पर BCCL, स्थानीय ग्रामीण और शुभम वर्मा ने दावा किया
- BTA ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त किया
- ग्रामीणों ने फर्जी खतियान और नकली दस्तावेज के जरिए जमीन बेचने की कोशिश का आरोप लगाया
- प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा असली मालिक
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के भूली स्थित पंचवटी नगर में करोड़ों रुपये की कीमत वाली जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। काली मंदिर के समीप स्थित लगभग 45 डिसमिल जमीन पर तीन पक्षों ने अपना-अपना दावा ठोक दिया है। एक तरफ बीसीसीएल और भूली टाउनशिप प्रशासन इस जमीन को अपनी संपत्ति बता रहे हैं, वहीं स्थानीय ग्रामीण इसे सार्वजनिक उपयोग की जमीन बता रहे हैं। दूसरी ओर शुभम वर्मा और उनका परिवार इस जमीन पर निजी स्वामित्व का दावा कर रहा है।
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पिछले करीब 15 दिनों से विवादित जमीन पर नींव खुदाई, प्लॉटिंग और घेराबंदी का कार्य चल रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद भूली टाउनशिप एडमिनिस्ट्रेशन (BTA) हरकत में आया और कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान बीटीए के एचआर मैनेजर नीरज कुमार, राजस्व निरीक्षक परशुराम चौहान और सहायक राजस्व निरीक्षक अशरफ हुसैन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि अंचल अधिकारी के निर्देश पर पहले ही जमीन की मापी कराकर उसकी सीमा को चूना डालकर चिन्हित किया गया था। इसके बावजूद वहां घेराबंदी और निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। मामले में भूली ओपी में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
इधर स्थानीय ग्रामीणों ने भी एलआरडीसी और अंचल अधिकारी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौजा नंबर-1, खाता नंबर-109 और प्लॉट नंबर-2675 की जमीन को फर्जी खतियान और नकली दस्तावेज के आधार पर बेचने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय निवासी सरोजा देवी का कहना है कि वह लगभग 30 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रही हैं और यह जमीन लंबे समय से रास्ते तथा बच्चों के खेल मैदान के रूप में उपयोग होती रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफिया इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर जमीन पर घेराबंदी करा रहे शुभम वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने लगभग 30 वर्ष पहले इस जमीन की खरीदारी की थी और उनके पास उससे जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचवटी नगर स्थित काली मंदिर के समीप खाली पड़ी जमीन को जबरन कब्जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन, बीसीसीएल और संबंधित अधिकारियों से भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि इस जमीन पर पूर्व में नगर निगम और वन विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी कराया गया था, जिसे समय के साथ हटा दिया गया। ऐसे में विवाद और भी गहरा गया है।
फिलहाल इस जमीन को लेकर तीनों पक्ष आमने-सामने हैं। एक पक्ष इसे बीसीसीएल की जमीन बता रहा है, दूसरा इसे सार्वजनिक उपयोग की भूमि मान रहा है, जबकि तीसरा पक्ष निजी स्वामित्व का दावा कर रहा है। अब प्रशासनिक जांच, राजस्व अभिलेखों की पड़ताल और दस्तावेजों की सत्यता के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इस करोड़ों की जमीन का वास्तविक मालिक कौन है।






