झारखंड: दुमका में खौफनाक हादसा: लाइटर गैस ट्रक में विस्फोट, खलासी जिंदा जला, 4 वाहन राख
दुमका में लाइटर गैस लदे ट्रक और ट्रेलर की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। विस्फोटों के बीच एक खलासी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
- दुमका में भीषण सड़क हादसा, आग का तांडव
दुमका (Threesocieties.com Desk )। झारखंड के दुमका में बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके को दहला दिया। दुमका रेलवे स्टेशन के पास रिंग रोड स्थित एएन कॉलेज मोड़ पर लाइटर गैस से लदे ट्रक और चिप्स लदे ट्रेलर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही देर में ट्रक आग का गोला बन गया और देखते ही देखते चार वाहन इसकी चपेट में आ गये।
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लगातार धमाकों से दहशत
हादसे के बाद ट्रक में लोड गैस सिलेंडरों में लगातार विस्फोट होने लगे, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास खड़े अन्य वाहन भी जलकर खाक हो गए। स्थानीय लोग दूर से ही भयभीत होकर घटना को देखते रहे।
खलासी की जिंदा जलकर मौत
इस दर्दनाक हादसे में ट्रेलर के खलासी उमेश कुमार की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वह बिहार के बांका जिले का रहने वाला था। वहीं, संतोष कुमार समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को पहले दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एक को बेहतर इलाज के लिए सिउड़ी (पश्चिम बंगाल) रेफर किया गया।
दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गैस से भरे ट्रक में लगी आग को बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। घंटों की मशक्कत के बाद अन्य वाहनों की आग पर काबू पा लिया गया, जबकि गैस ट्रक में आग देर तक भड़कती रही।
प्रशासन और पुलिस मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। दुमका के एसडीओ कौशल कुमार, डीटीओ और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि गैस लदा ट्रक कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था।
क्या है ब्यूटेन गैस?
ट्रक में भरी गैस सिगरेट लाइटर में इस्तेमाल होने वाली ब्यूटेन (Butane) गैस थी। यह एक अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन गैस होती है, जिसे दबाव में तरल रूप में रखा जाता है। बाहर निकलते ही यह तेजी से गैस बनकर आग पकड़ लेती है, जिससे ऐसे हादसे बेहद खतरनाक हो जाते हैं।
हादसे से उठे बड़े सवाल
यह घटना एक बार फिर खतरनाक गैसों के परिवहन में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है। आखिर बिना पर्याप्त सुरक्षा के ऐसे ज्वलनशील पदार्थ सड़कों पर कैसे ढोए जा रहे हैं?जांच व पूर्व की छापेमारी में बरामद दस्तावेज के आधार पर ही ईडी ने एलबी सिंह व उनके भाई को समन किया।






