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पलामू। झारखंड के एक्स सीएम व बीजेपी  विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने खतियान आधारित स्थानीय नीति को लागू नहीं करना चाहते हैं। वे सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। दूसरे के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। अगर सही मायने में ईमानदार हैं तो जल्द से जल्द नीति को लागू करना चाहिए।

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बीजेपी खतियान नीति विरोधी नहीं
बाबूलाल मरांडी ने रविवार को पलामू बीजेपी ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी खतियान आधारित नीति की विरोधी नहीं है। इस मुद्दे पर बीजेपी का स्टैंड साफ है। जेएमएम व सीएम हेमंत सोरेन का स्टैंड समय-समय पर बदलते रहा है।

विरोधाभासी है विधेयक
उन्होंने कहा कि बीजेपी चाहती है कि स्थानीय नीति विधि सम्मत हो ताकि कोर्ट से खारिज न हो। हेमंत सरकार के विधि विभाग ने ही जिस विधेयक पर आपत्ति जताई थी, उसी को गवर्नर के पास भेजा गया। यह अपने आप में विरोधाभास है। यह सब राज्य की जनता को समझ में आने लगी है।उन्होंने कहा कि 1932 के खतियान को लागू करने में जो कानूनी दिक्कतें हैं, उसे दूर करने के लिए देश के बड़े और मंहगे वकीलों से राज्य सरकार को सलाह लेना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ खुद को खनन घोटाले से बचाने के लिए महंगे वकीलों की सेवा ले रहे हैं। इससे साफ है कि स्थानीय नीति पर सीएम की मंशा साफ नहीं है।
DGP के लिए हो रही सौदेबाजी
मरांडी ने डीजीपी की रिटायरमेंट के बाद भी नये डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने को लेकर हेमंत सरकार पर सौदेबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तो एक साल तक डीजीपी जैसा महत्वपूर्ण पद एक्टेंशन पर चला। इससे स्टेट की लॉ एंड ऑर्डर खराब है। डीजीपी के लिए पैनल में तीन नाम हैं। इनमें से किसी के एक के नाम की घोषणा कर देनी चाहिए। ऐसा नहीं होने से साफ है कि सरकार सौदेबाजी कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष की कार्यवाही गैर संवैधानिक
झारखंड बीजेपी प्रसिडेंट बनने और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर फिर से राजधनवार से चुनाव लड़ने के सवाल पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कि कुछ बातें मीडिया में चलती रहती हैं। वैसे नेतृत्व का जो आदेश होगा मानेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुन रखा है। चुनाव आयोग ने बीजेपी के जेवीएम में विलय को मान्यता दी है। बीजेपी सदस्य के रूप में राज्यसभा चुनाव में मतदान भी करता हूं। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने जेवीएम को जिंदा रखा है। यह गैर संवैधानिक और मनमानी कार्यवाही है।