धनबाद सदर अस्पताल की ऐतिहासिक उड़ान: IPD में 542%, OPD में 199% और ऑर्थोपेडिक सर्जरी में 409% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
धनबाद सदर अस्पताल ने एक वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। IPD में 542%, OPD में 199% और ऑर्थोपेडिक सर्जरी में 409% की वृद्धि दर्ज की गई है। आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और नई सुविधाओं के कारण अब सदर अस्पताल झारखंड और पड़ोसी राज्यों के मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
HighLights
- सदर अस्पताल के IPD में 542% की वृद्धि, 696 से बढ़कर 4,466 मरीज भर्ती
- OPD में 199% की बढ़ोतरी, 35 हजार से बढ़कर 1.04 लाख मरीज पहुंचे
- ऑर्थोपेडिक सर्जरी सेवा शुरू होने के बाद 409% वृद्धि के साथ 239 ऑपरेशन
- अस्पताल में पहली बार मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा शुरू, 388 सफल सर्जरी
- 1,100 सफल सीजेरियन डिलीवरी के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
- गंभीर कुपोषित 211 बच्चों का उपचार मॉडल एमटीसी सेंटर में किया गया
- 12 बेड का अत्याधुनिक एमएनसीयू और 14 बेड का मॉडल एमटीसी सेंटर शुरू
धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर प्रबंधन के कारण धनबाद के हृदय स्थल पर स्थित सदर अस्पताल ने पिछले एक वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और पारदर्शी व्यवस्था के चलते अस्पताल पर आम जनता का भरोसा तेजी से बढ़ा है। यही कारण है कि आज सदर अस्पताल केवल धनबाद ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों के मरीजों की भी पहली पसंद बनकर उभरा है।
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उपायुक्त आदित्य रंजन और उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने बताया कि अस्पताल के इनडोर मरीजों (IPD) की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से मई 2025 के बीच जहां केवल 696 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं जून 2025 से मार्च 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 4,466 पहुंच गई। यह लगभग 542 प्रतिशत की वृद्धि है।
इसी प्रकार आउटडोर मरीजों (OPD) की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। जनवरी से मई 2025 तक 35,008 मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जबकि जून 2025 से मार्च 2026 के दौरान 1,04,702 मरीजों ने सदर अस्पताल की सेवाओं का लाभ उठाया। अस्पताल की मासिक औसत ओपीडी 7,000 से बढ़कर 10,470 हो गई, जो करीब 199 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
अस्पताल में पहली बार मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा शुरू की गई, जिसके तहत जून 2025 से मार्च 2026 तक 388 सफल ऑपरेशन किए गए। इसके अलावा अक्टूबर 2025 से ऑर्थोपेडिक सर्जरी सेवा शुरू होने के बाद मार्च 2026 तक 10 जटिल सर्जरियां सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।
सर्जरी सेवाओं में भी अस्पताल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनवरी से मई 2025 के दौरान जहां केवल 47 ऑपरेशन हुए थे, वहीं जून 2025 से मार्च 2026 तक 239 सर्जरियां की गईं। मासिक औसत 10 से बढ़कर 24 हो गया, जो लगभग 409 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जनवरी से मई 2025 तक 162 सीजेरियन डिलीवरी हुई थीं, जबकि जून 2025 से मार्च 2026 के बीच 1,100 सफल सीजेरियन डिलीवरी कराई गईं। इससे जिले की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
कुपोषण से जंग में भी अस्पताल ने बड़ी सफलता हासिल की है। मॉडल कुपोषण उपचार केंद्र में जनवरी से मई 2025 तक 17 बच्चों का इलाज हुआ था, जबकि जून 2025 से मार्च 2026 तक 211 गंभीर कुपोषित बच्चों का उपचार किया गया। इसके अलावा एमटीसी सेंटर में अब तक 230 एसएएम और एमएएम बच्चों को बेहतर उपचार और पोषण सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
अस्पताल के आधारभूत ढांचे को भी तेजी से मजबूत किया गया है। नए रजिस्ट्रेशन काउंटर, पार्किंग शेड, चारदीवारी, अतिरिक्त भवन और अतिरिक्त फ्लोर का निर्माण किया गया है। साथ ही 12 बेड वाला अत्याधुनिक एमएनसीयू और 14 बेड वाला मॉडल एमटीसी सेंटर भी शुरू किया गया है।
बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए अस्पताल परिसर में जल्द ही "दीदी कैफे" शुरू किया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भोजन और नाश्ते की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रशासन ने बताया कि सदर अस्पताल में विश्वस्तरीय और संक्रमण मुक्त ऑपरेशन थिएटर के निर्माण से जटिल सर्जरियों की सफलता दर और बढ़ेगी। वहीं आईसीयू और सीसीयू की स्थापना से गंभीर और हृदय रोगियों को गोल्डन ऑवर में ही इलाज मिल सकेगा और उन्हें बड़े शहरों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। साथ ही एक हजार से अधिक सहिया कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जनजागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
इसके अलावा जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कंगारू मदर केयर यूनिट की स्थापना की गई है, जिससे समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजात शिशुओं की जान बचाने में मदद मिलेगी।
उधर शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी परिसर में 200 बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार किया गया है। यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन और नेफ्रोलॉजी की ओपीडी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
आने वाले समय में यहां 40 बेड वाले आधुनिक आईसीयू, सात मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, कैथ लैब, एमआरआई, सीटी स्कैन, डायलिसिस मशीन और मोबाइल एक्स-रे मशीनों की सुविधा भी शुरू होगी, जिससे धनबाद झारखंड के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
तोपचांची में नवस्थापित डायलिसिस केंद्र का उद्घाटन
तोपचाँची में नवस्थापित डायलिसिस केंद्र का आज माननीय विधायक टुंडी मथुरा प्रसाद महतो, उपायुक्त आदित्य रंजन तथा उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के मरीजों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए राज्य सरकार ऐसी जनहितकारी पहलें निरंतर जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। तोपचाँची में इस डायलिसिस केंद्र के खुलने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और समय पर इलाज मिलने से कई जानें बचाई जा सकेंगी।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि इस केंद्र के शुरू होने से अब स्थानीय मरीजों को डायलिसिस के लिए धनबाद या अन्य शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत) के तहत पात्र मरीजों को नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। केंद्र में अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें और जीवन रक्षक उपकरण लगाए गए हैं, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा मिल सके। मरीजों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी, कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
उपायुक्त ने एमटीसी से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो रहे बच्चे को गोद में लेकर जताया दुलार

उपायुक्त आदित्य रंजन ने आज तोपचांची स्थित 10 बेड के कुपोषण उपचार केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उपायुक्त ने केंद्र की व्यवस्थाओं, बच्चों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और उनके खान-पान की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान एक बेहद संवेदनशील और भावुक पल देखने को मिला। केंद्र से पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो रहे एक बच्चे को देखकर उपायुक्त खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने बच्चे को अपनी गोद में उठाकर काफी देर तक दुलार किया और उसके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उपायुक्त के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और बच्चे के परिजनों का दिल जीत लिया।
वहीं उपायुक्त ने कुपोषण उपचार केंद्र के वार्डों, रसोईघर और स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पौष्टिक आहार के चार्ट की जांच की। उपायुक्त ने केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं और परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि बच्चों को समय पर भोजन, दूध और दवाइयाँ मिल रही हैं या नहीं, जिस पर परिजनों ने संतोष व्यक्त किया। तोपचांची के एमटीसी में 100% बेड ऑक्यूपेंसी और सेंटर के पूरे काम करने के तरीके पर उपायुक्त ने खुशी जताई।
उपायुक्त ने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतेंगे। उन्होंने केंद्र में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।उपायुक्त ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। जिले के हर कुपोषित बच्चे को सही उपचार और पोषण देकर स्वस्थ बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मौके पर विधायक टुंडी मथुरा प्रसाद महतो, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।






