24 दिन से बंद धनबाद–बोकारो रोड, केंदुआडीह धंसान पर राज सिन्हा का अल्टीमेटम:9 मई से 24 घंटे का अनशन
धनबाद के केंदुआडीह स्थित धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग पर हुए धंसान को 24 दिन बीतने के बाद भी समाधान नहीं निकलने से जनाक्रोश बढ़ गया है। विधायक राज सिन्हा, धनबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स और विभिन्न संगठनों ने 9 मई 2026 से आमरण अनशन की चेतावनी दी है। सड़क निर्माण, पुनर्वास और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की मांग तेज हो गई है।
- सड़क निर्माण और पुनर्वास को लेकर व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने खोला मोर्चा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के केंदुआडीह स्थित धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग पर हुए धंसान की घटना को लगभग 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जिला प्रशासन, बीसीसीएल प्रबंधन और संबंधित विभागों की ओर से कोई स्थायी और संतोषजनक समाधान सामने नहीं आया है। लगातार बंद पड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।
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धनबाद विधायक राज सिन्हा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए प्रशासन और बीसीसीएल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क धंसान की घटना के बाद भी अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के अवरुद्ध रहने से व्यापारी वर्ग, छात्र-छात्राएं, श्रमिक, महिलाएं और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक और जनसंगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंदुआडीह धंसान, सड़क बंदी, प्रभावित परिवारों की स्थिति और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से अविलंब सड़क निर्माण, धंसान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी 09 मई 2026 से 24 घंटे का आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
व्यापार और जनजीवन पर गहरा असर
धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग को कोयलांचल क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है। इस सड़क के बंद होने से हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो रही है। व्यापारी वर्ग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क धंसान की घटना के बाद शुरुआती स्तर पर कुछ अस्थायी कदम जरूर उठाए गए, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से कोई गंभीर पहल नहीं की गई। इससे लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
“यह सिर्फ सड़क का मुद्दा नहीं”
बैठक में शामिल संगठनों और प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन केवल एक सड़क या एक इलाके तक सीमित नहीं है। यह पूरे कोयलांचल की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कोयला खनन के कारण वर्षों से क्षेत्र में भूधंसान की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर न तो बीसीसीएल गंभीर है और न ही प्रशासन। यही कारण है कि अब जनता आंदोलन के लिए मजबूर हो रही है।
प्रशासन और बीसीसीएल पर बढ़ा दबाव
9 मई से प्रस्तावित आमरण अनशन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आने वाले दिनों में कोयलांचल क्षेत्र में बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रमुख मांगें
धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग का तत्काल स्थायी निर्माण
धंसान प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास
वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की समुचित व्यवस्था
भूधंसान प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे और सुरक्षा योजना
बीसीसीएल और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग
राज सिन्हा का संदेश
विधायक राज सिन्हा ने कहा कि जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “यह संघर्ष पूरे कोयलांचल की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है।”






