BCCL बनाएगा 350 करोड़ का 200 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एक छत के नीचे मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज

BCCL और Coal India के सहयोग से धनबाद में 350 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेगा। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज अब धनबाद में ही उपलब्ध होगा।

BCCL बनाएगा 350 करोड़ का 200 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एक छत के नीचे मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज
इलाज को अब नहीं जाना पड़ेगा रांची-कोलकाता।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और कोल इंडिया के सहयोग से धनबाद में 200 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल के निर्माण को लेकर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है और प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

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यह अस्पताल सिर्फ बीसीसीएल कर्मियों के लिए नहीं, बल्कि धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, जामताड़ा और आसपास के लाखों आम नागरिकों के लिए भी वरदान साबित होगा। यहां गंभीर बीमारियों का इलाज विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

एक छत के नीचे मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज

प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अभी तक कोयलांचल के मरीजों को हार्ट, किडनी, कैंसर और न्यूरो संबंधी इलाज के लिए रांची, कोलकाता, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय, पैसा और मानसिक परेशानी तीनों बढ़ जाती हैं। अस्पताल बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और मरीजों को धनबाद में ही मेट्रो शहरों जैसी चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

मई के पहले सप्ताह में बनेगी कमेटी

अस्पताल के लिए जमीन और आधारभूत संरचना तय करने को लेकर मई के पहले सप्ताह में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी अस्पताल के लिए उपयुक्त स्थान, निर्माण योजना और संचालन व्यवस्था पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। बीसीसीएल के सीएमडी के निर्देश पर एक वरिष्ठ टीम ने पहले ही अध्ययन कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि सीएमडी स्वयं इस पूरी रिपोर्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

12 एकड़ जमीन की तलाश, कनेक्टिविटी होगी प्राथमिकता

अस्पताल निर्माण के लिए लगभग 12 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। बीसीसीएल प्रबंधन का दावा है कि कंपनी के पास शहर में पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। उच्च स्तरीय टीम ऐसी जमीन की तलाश कर रही है, जो मुख्य सड़क, फोर-लेन या आठ-लेन मार्ग से जुड़ी हो ताकि मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही आसान हो सके। बेहतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।

विदेशी स्तर की तकनीक से लैस होगा अस्पताल

सूत्रों के अनुसार अस्पताल में अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण और विदेशी स्तर की तकनीक लगाई जाएगी। आईसीयू, एडवांस ऑपरेशन थिएटर, हाई-एंड डायग्नोस्टिक लैब और सुपर स्पेशलिटी विभागों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि मरीजों को दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे बड़े शहरों की सुविधाएं धनबाद में ही उपलब्ध हो सकें।

पीपीपी मॉडल या ट्रस्ट से होगा संचालन

अस्पताल के संचालन, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और प्रबंधन को लेकर भी मंथन जारी है। बीसीसीएल पीपीपी (Public Private Partnership) मॉडल या ट्रस्ट मॉडल के जरिए अस्पताल संचालन पर विचार कर रहा है। इससे अस्पताल का संचालन पेशेवर तरीके से हो सकेगा और सेवाओं की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी।

मई में कोल इंडिया की बैठक में प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक मई के दूसरे सप्ताह में कोल इंडिया स्तर पर होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में इस अस्पताल परियोजना को प्रमुखता से रखा जाएगा। वित्तीय सहयोग की अंतिम मंजूरी मिलते ही जमीन चिन्हित करने, DPR तैयार करने और टेंडर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

CSR का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा अस्पताल

अधिकारियों का मानना है कि यह अस्पताल केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं, बल्कि कोयलांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होगा। यह बीसीसीएल के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) का अब तक का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो धनबाद पूरे झारखंड के लिए एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में उभर सकता है।