बिहार: “कंधे पर हाथ, सियासत में संकेत! Nitish Kumar और Samrat Choudhary की मुलाकात से राजनीति में हलचल”

बिहार की राजनीति में हलचल, नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली मुलाकात में दिखी गर्मजोशी। शराबबंदी और राजनीतिक हालात पर हुई अहम चर्चा।

बिहार: “कंधे पर हाथ, सियासत में संकेत! Nitish Kumar और Samrat Choudhary की मुलाकात से  राजनीति में हलचल”
नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की सियासत में एक नई हलचल उस वक्त देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शनिवार को राजधानी पटना में देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary से मुलाकात की। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को राजनीतिक नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।

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पहली मुलाकात में दिखी गर्मजोशी

15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहली बार था जब सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार आमने-सामने आए। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सहजता और आत्मीयता साफ नजर आई। तस्वीरों में नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे मुस्कुराते हुए दिखे—जिसे राजनीतिक गलियारों में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से “मार्गदर्शन प्राप्त किया”।

 डिप्टी सीएम से भी हुई बातचीत

इस अहम बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव से भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, प्रशासनिक कामकाज और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

शराबबंदी पर सख्त रुख बरकरार

बैठक में बिहार की शराबबंदी नीति भी प्रमुख मुद्दा रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य में शराबबंदी कानून को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नीति नीतीश कुमार की सोच का अहम हिस्सा रही है और प्रधानमंत्री Narendra Modi भी इसकी सराहना कर चुके हैं।

विरोध के सुर भी तेज

हालांकि, इस नीति को लेकर राज्य में विरोध के स्वर भी लगातार उठ रहे हैं। मोकामा से जदयू विधायक Anant Singh शराबबंदी खत्म करने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की खपत बंद नहीं हुई है, बल्कि लोग खतरनाक नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। कई अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिससे बिहार में शराबबंदी को लेकर बहस और तेज हो गई है।

फिलहाल नहीं बदलेगी नीति
इन तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री का बयान यह संकेत देता है कि बिहार में फिलहाल शराबबंदी कानून में किसी तरह की ढील या बदलाव की संभावना नहीं है। सरकार इस नीति को जारी रखने के पक्ष में मजबूती से खड़ी नजर आ रही है।

राजनीतिक मायने क्या?

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं मानी जा रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में नए समीकरणों का संकेत दे सकती है। दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज और आपसी तालमेल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज शिष्टाचार था या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत?