राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने खरगे-पवन खेड़ा समेत 7 उम्मीदवार किये घोषित, झारखंड में प्रणव झा पर लगाया दांव
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पवन खेड़ा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किया है। बोकारो से गहरा संबंध रखने वाले प्रणव झा की उम्मीदवारी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। जानिए उनका राजनीतिक सफर और पूरी खबर।
HighLights
- झारखंड से प्रणव झा को बनाया गया राज्यसभा उम्मीदवार
- बोकारो से गहरा संबंध होने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह
- एनएसयूआई से शुरू हुआ प्रणव झा का राजनीतिक सफर
- महागठबंधन की एक सीट पर प्रत्याशी तय, अब JMM की घोषणा बाकी
नई दिल्ली/रांची (Threesocieties.com Desk): राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए अपने सात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को कर्नाटक से मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार देर रात उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।
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झारखंड में कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने के साथ ही राज्यसभा की दो सीटों में से महागठबंधन की एक सीट पर प्रत्याशी लगभग तय हो गया है। अब सबकी नजर दूसरी सीट पर है, जिसके लिए झामुमो अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकता है।
बोकारो से गहरा जुड़ाव, इसलिए दिख रहा उत्साह
प्रणव झा मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव के रहने वाले हैं, लेकिन उनका बोकारो से गहरा संबंध रहा है। उनका परिवार लंबे समय तक बोकारो से जुड़ा रहा और उनकी स्कूली शिक्षा भी यहीं हुई। उनका आवास भी बोकारो के सेक्टर-6 में बताया जाता है।यही वजह है कि जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, बोकारो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। स्थानीय नेताओं ने इसे जमीनी कार्यकर्ताओं की जीत बताया।
छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
प्रणव झा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और इसी दौरान कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े। धीरे-धीरे उन्होंने संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई और युवा कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 1990 के दशक में उन्होंने बोकारो जिला युवा कांग्रेस से राजनीतिक यात्रा शुरू की। बाद में वे धनबाद संसदीय क्षेत्र में युवा कांग्रेस प्रभारी बने और संगठनात्मक स्तर पर लगातार सक्रिय रहे।
कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं प्रणव झा
कांग्रेस संगठन में प्रणव झा को रणनीतिक और संगठनात्मक कार्यों के लिए जाना जाता है। वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सलाहकार के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। धनबाद लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके नाम की चर्चा संभावित उम्मीदवार के तौर पर हुई थी, लेकिन उन्होंने संगठनात्मक राजनीति को प्राथमिकता दी।
कार्यकर्ताओं ने कहा- मेहनत का मिला पुरस्कार
प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद धनबाद व बोकारो कांग्रेस में जश्न जैसा माहौल है। झारखंड कांग्रेस के महासचिव अभिजीत राज का कहना है कि पहली बार पार्टी ने ऐसे कार्यकर्ता को मौका दिया है जिसने वर्षों तक संगठन के लिए जमीन पर काम किया।कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस फैसले से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और संगठन को मजबूती मिलेगी।
18 जून को होंगे चुनाव
राज्यसभा चुनाव 18 जून को होंगे, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून निर्धारित की गई है। अब झारखंड की राजनीति में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दूसरी सीट के लिए महागठबंधन किस चेहरे पर भरोसा जताता है।






