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नई दिल्ली:फायरिंग व पत्थरबाजी में अब तक 13 लोगों की मौत,उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश

  • नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में तीसरे दिन भी आगजनी
  • प्रभावित इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती
  • हालात का जयला लेने के लिए एनसए ने किया दौरा
  • होम मिनिस्ट ने की हाइ लवेल मीटिंग

नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली मंगलवार को भी कई जगहें झड़प व आगजनी हुई। पुलिस सक्रियता के बाद इलाके में अभी पूरी तरह हालात  कंट्रोल में नहीं हुए है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर, कर्दमपुरी, सुदामापुरी, घोंडा चौक, करावल नगर, मुस्तफाबाद, चांदबाग, नूरे इलाही, भजनपुरा, गोकुलपुरी में तनाव है। मंगलवार सुबह दोनों पक्ष के लोग फिर सड़क पर आ गये। कर्दमपुरी और सुदामापुरी इलाके में दिनभर रुक-रुककर पथराव और फायरिंग होती रही। पुलिस ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया है।

पुलिस ने मंगलवार देर शाम चार इलाकों मौजपुर, जाफराबाद, करावल नगर और बाबरपुर में कर्फ्यू लगा दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार रात को हालात का जायजा लेने के लिए सीलमपुर का दौरा किया। उनके साथ पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक भी साथ रहे। पिछले तीन दिनों से हो रही हिंसा ने अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है। 56 पुलिसकर्मी समेत लगभग 200 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली में जारी हिंसा को काबू करने के लिए गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से आईपीएस अधिकारी एसएन श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस का स्पेशल कमिश्नर (कानून व्यवस्था) बनाया गया है।


उपद्रवियों ने सबसे अधिक मौजपुर, भजनपुरा और ब्रह्मपुरी में उत्पात मचाया है. मौजपुर मेट्रो स्टेशन के समीप मंगलवार दो गुटों में झड़प के दौरान फायरिंग भी हुई। दोनों गुटों के लोग लाठियां और छड़ लेकर सड़कों पर निकले। आक्रोशित भीड़ ने भड़काऊ नारे लगाते हुए एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी।मीडियाकर्मियों से भी धक्कामुक्की की और उन्हें घटनास्थल से खदेड़ दिया।करावल नगर रोड स्थित चांदबाग में भी हालात बेकाबू हो गये. यहां उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। उपग्रवियों ने निगम पार्षद ताहिर हसन के ऑफिस में आग लगा दी. ऑफिस पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। उपद्रवियों ने गोकुलपुरी में दो दमकल वाहनों को तोड़ दिया। नारे लगाती भीड़ ने पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। करावल नगर में मुख्य सड़क पर दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई। उनमें लूटपाट भी की गई। नूरे इलाही में भी फायरिंग हुई। गोकुलपुरी में एक धार्मिक स्थल पर आग लगा दी। आसपास के घरों में तोड़फोड़ की गई। पथराव के साथ फायरिंग हुई जिसमें कई लोग घायल हो गए। घोंडा चौक पर मिनी बस, बाइक समेत अन्य वाहनों में आग लगा दी गई। र चांदबाग पुलिस थाने के पास शाम को दो पक्षों के लोग जमा हो गये। दोनों ने एक-दूसरे पर फायरिंग करते हुए पेट्रोल बम से भी हमला किया। भजनपुरा में उपद्रवियों ने पुलिस पर तेजाब फेंक दिया। घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
67 कंपनियां तैनात
गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद दोपहर करीब तीन बजे के बाद सीआरपीएफ, आरएएफ और एसएसबी की 67 कंपनियां हालात को काबू करने के लिए तैनात कर दी गई हैं। जाफराबाद इलाके से प्रदर्शनकारियों को भी हटा दिया गया। सुरक्षा बलों ने इस इलाके में मार्च निकालकर सड़कों से उपद्रवियों को खदेड़ दिया।जाफराबाद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठीं महिलाओं को भी बातचीत के बाद हटा दिया गया है। करीब 3 दिन बाद जाफराबाद में हालात कंट्रोल में हुए हैं। पुलिस ने बताया है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन सड़क खाली कर दी है। ये लोग शनिवार रात से धरना दे रहे थे।इलाके में टेंशन को देखते हुए पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि अलग-अलग थानों में 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन पर हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस पर हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई हैं।
अमित शाह SN श्रीवास्तव सहित अन्य अफसरों के साथ की मैराथन बैठक


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर मैराथन बैठकों का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में गृह मंत्री ने तीन बैठकें की। उन्हों ने सोमवार की देर रात दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ-साथ दिल्ली की हिंसक स्थिति से निपटने के लिए तैनात किये गये दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून और व्यवस्था) आईपीएस एसएन श्रीवास्तव के साथ तीन घंटों तक बैठक की।अमित शाह ने तीन घंटों तक चली इस बैठक में अधिकारियों से ताजा स्थिति की जानकारी ली। साथ ही स्थिति नियंत्रण करने के लिए भी विस्तार से चर्चा हुई।शाह ने हालात पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में पुलिस और क्षेत्र के विधायकों के बीच समन्वय मजबूत करने और अफवाहों के प्रसार को रोकने का संकल्प लिया गया।
बैठक में उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा, भाजपा के नेता मनोज तिवारी और रामवीर बिधूड़ी भी शामिल हुए।इसमें शहर में शांति बहाली के लिए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के हाथ मिलाने और सभी इलाकों में शांति समितियों को फिर से सक्रिय करने का भी संकल्प लिया गया। बैठक में शामिल सभी लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि अफवाहों के प्रसार को रोका जाना चाहिए।बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने राजघाट का दौरा किया और शांति की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि पिछले दो दिनों से दिल्ली में हुई हिंसा से पूरा देश चिंतित है। जान और माल की हानि हुई है। यदि हिंसा बढ़ती है तो यह सभी को प्रभावित करेगी। हम सभी यहां गांधीजी को अपनी प्रार्थना अर्पित करने के लिए आए हैं,जो अहिंसा के अनुयायी थे।
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हाल ही में हुई हिंसा के मामले एफआइआर दर्ज कराने की मांग करने वाली पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) वजाहत हबीबुल्ला और अन्य की याचिका पर सुनवाई करने पर मंगलवार को तैयार हो गया। न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसफ की एक पीठ के समक्ष याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वह दिल्ली के कुछ हिस्सों के हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस संबंध में उन्होंने हिंसा प्रभावित इलाकों के सभी दलों के विधायकों के साथ आपात बैठक बुलाई।

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