कलाकार-टाइगर श्रॉफ,अनन्या पांडे,तारा सुतारिया,आदित्य सील,समीर सोनी
निर्देशक- पुनीत मल्होत्रा
मूवी टाइप-Romance,Drama,Sport
अवधि-2 घंटा 26 मिनट
मुंबई: करण जौहर की 'स्टूडेंट ऑफ द इयर 2' को डायरेक्टर पुनीत मल्होत्रा ने बॉलीवुड की अंडरडॉग की जीत की कहानी की तर्ज पर आगे बढ़ाया. फिल्म में 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' पार्ट वन का फ्लेवर तो देखने मिलता है. फिल्म कई जगहों पर मंसूर खान की 'जो जीता वही सिकंदर' की भी याद ताजा करती है.बावजूद फिल्म टुकड़ों-टुकड़ों में ही मनोरंजन करने में कामयाब रही है.
स्टोरी

रोहन (टाइगर श्रॉफ) जैसे मधयमवर्गीय स्टूडेंट की जो अपने साधारण और गरीब कॉलेज से सेंट टेरेसा जैसे अमीर और भव्य कॉलेज में स्पोर्ट्स कोटा में ऐडमिशन तो पा जाता है. उस कॉलेज में दाखिला लेने का उसका एक ही मकसद है कि वह अपने बचपन के प्यार मृदुला उर्फ मिया (तारा सुतारिया) का साथ पा सके. असल में वह मृदुला के डांसर की ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा कर उसे विदेश जाते देखना चाहता है. कॉलेज में दाखिला लेने के बाद वह कॉलेज के हीरो मानव (आदित्य सील) और उसकी बिगड़ैल बहन श्रेया (अनन्या पांडे) से टकराता है. ये भाई-बहन कॉलेज के ट्रस्टी के बच्चे होने के साथ-साथ बहुत अमीर हैं. डांस कॉम्पिटिशन जीतने के लिए मानव न केवल रोहन से उसकी गर्लफ्रेंड मिया को छीन लेता है बल्कि उसे कॉलेज से भी निकलवा देता है. आगे चलकर हालत ऐसे बनते हैं कि रोहन अंडरडॉग के रूप में अपने कॉलेज का प्रतिनिधत्व करते हुए सेंट टेरेसा और मानव की टीम के विरुद्ध खड़ा हो जाता है. इस बार मुकाबला है कबड्डी की 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' की ट्रोफी हासिल करके अपने खोए हुए गौरव को पाने का.
रिव्यू
डायरेक्टर पुनीत मल्होत्रा ने पार्ट वन की तरह कॉलेज और किरदारों के लुक और कॉस्ट्यूम को बेहद भव्य रखा है, मगर वे अंडरडॉग वाले इमोशन को सही तरह से एग्जिक्यूट नहीं कर पाये. फिल्म में अमीर और गरीब स्टूडेंट्स के बीच का अंतर प्रभाव नहीं जमा पाता. फिल्म 3-4 किरदारों के इर्द-गिर्द ही घूमती है और अन्य चरित्रों को निर्देशक ने पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है. फिल्म का मजबूत पक्ष है उसका डांस और ऐक्शन. एडिटिंग थोड़ी कसी हुए होती तो अच्छा था. सेकंड हाफ की शुरुआत बहुत धीमी है. क्लाइमैक्स के बारे में आपको पहले ही पता चल जाता है. टाइगर श्रॉफ ने मूवी में बेहतरीन काम किया है.टाइगर ने अपने रोल के अनुसार ऐक्शन, इमोशन और डांस को बखूबी निभाया है. तारा सुतारिया के किरदार को ठीक से गढ़ा नहीं गया है, मगर अनन्या पांडे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रही हैं. 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' में आलिया, वरुण और सिद्धार्थ की केमेस्ट्री असरकारक रही थी, मगर यहां रोमांस का का पहलू ठंडा नजर आता है. गुल पनाग, समीर सोनी जैसे अच्छे कलाकरों को जाया कर दिया गया है.
विशाल-शेखर के संगीत में 'जवानी' गाना रेडियो मिर्ची के टॉप ट्वेंटी में पांचवें पायदान पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। आईएमडीबी पर फिल्म की रेटिंग 2.1 है.