'Iraj’s Father' टी-शर्ट में दिखे तेजस्वी, पोते के बर्थडे पर झूमे लालू; रोहिणी की गैरमौजूदगी बनी चर्चा

तेजस्वी यादव के बेटे इराज का पहला जन्मदिन गाजियाबाद में धूमधाम से मनाया गया। समारोह में पूरा लालू परिवार एकजुट दिखा, लेकिन रोहिणी आचार्य की गैरमौजूदगी ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

'Iraj’s Father' टी-शर्ट में दिखे तेजस्वी, पोते के बर्थडे पर झूमे लालू; रोहिणी की गैरमौजूदगी बनी चर्चा
पोते के पहले जन्मदिन पर लालू परिवार का शक्ति प्रदर्शन।

पटना (Threesocieties.com Desk): राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव के बेटे इराज का पहला जन्मदिन बुधवार को गाजियाबाद स्थित ‘रागिनी विला’ में बड़े ही धूमधाम और भव्य तरीके से मनाया गया। यह आयोजन सिर्फ पारिवारिक समारोह नहीं बल्कि राजनीतिक संदेशों और चर्चाओं का केंद्र भी बन गया।

यह भी पढ़ें:बिहार टेंडर घोटाला: ठेकेदार रिशुश्री गिरफ्तार, 68 करोड़ की संपत्ति जब्त; IAS कनेक्शन से मचा हड़कंप

समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि लंबे समय बाद पूरा लालू परिवार एक मंच पर दिखाई दिया। लालू प्रसाद यादव खुद पोते के पहले जन्मदिन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आए। केक कटिंग से लेकर मेहमानों के स्वागत तक वह पूरे कार्यक्रम में सक्रिय दिखे।इस दौरान तेजस्वी यादव का अंदाज भी खूब चर्चा में रहा। उन्होंने ‘Iraj’s Father’ लिखी विशेष टी-शर्ट पहन रखी थी, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बेटे के साथ उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।

तेजप्रताप भी पहुंचे, परिवार दिखा एकजुट

समारोह में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव भी मौजूद रहे। हाल के दिनों में परिवार और पार्टी के भीतर चली चर्चाओं के बीच उनका कार्यक्रम में शामिल होना राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश देने की कोशिश दिखी कि परिवार अभी भी एकजुट है।

रोहिणी आचार्या की गैरमौजूदगी से बढ़ी चर्चा

हालांकि, इस पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या की अनुपस्थिति को लेकर हुई। रोहिणी वही बेटी हैं जिन्होंने अपने पिता को किडनी देकर नया जीवन दिया था। ऐसे में परिवार के इस बड़े समारोह से उनकी दूरी ने राजनीतिक गलियारों में नए सवाल खड़े कर दिए।बिहार चुनाव के बाद से रोहिणी और तेजस्वी यादव के बीच मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कभी सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा गया, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी को अब राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्षी नेताओं को बुलावा, लेकिन कोई बड़ा चेहरा नहीं पहुंचा

जानकारी के अनुसार इस समारोह में विपक्ष के कई बड़े नेताओं को निमंत्रण भेजा गया था। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि कार्यक्रम में विपक्ष का कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आया।

क्या यह सिर्फ बर्थडे था या राजनीतिक संदेश?

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बिहार चुनाव के बाद यह लालू परिवार का पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन था। ऐसे में इस मंच के जरिए परिवार ने न केवल एकजुटता दिखाने की कोशिश की बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों के संकेत भी दिए।अब बड़ा सवाल यही है कि रोहिणी आचार्या की गैरमौजूदगी महज पारिवारिक कारणों से थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा हुआ है।