नई दिल्ली:14 मार्च से खरमास,नहीं होंगे मांगलिक कार्य,शादी-विवाह की शहनाई नहीं बजेगी

  • 13 अप्रैल तक विवाह,मुंडन,हवन,गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे
नई दिल्ली।इस वर्ष 14 मार्च दिन शनिवार को खरमास लग रहा है, जो एक माह यानी 13 अप्रैल तक रहेगा।खरमास के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे। धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लगता है। खरमास में 14 मार्च्र से 13 अप्रैल तक विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। यह भी पढ़ें: एमएलए प्रदीप पर रेप की कोशिश का आरोप लगाने वाली महिला पर बोकारो में हमला,झारखंड छोड़ने का एलान इस वर्ष 14 मार्च दिन शनिवार को खरमास लग रहा है जो एक माह तक रहेगा। खरमास के समय भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की आराधना करनी चाहिए।खरमास 14 मार्च को दोपहर 02 बजकर 23 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। 14 मार्च 2020 से 13 अप्रैल तक खरमास रहेगा।इस वर्ष खरमास 14 मार्च से 13 अप्रैल तक है, जो एक माह के लिए रहेगा। 14 अप्रैल से विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। वर्ष 2020 में विवाह के मुहूर्त अप्रैल: विवाह के लिए चार शुभ मुहूर्त है। 14,15,25 और 26। मई: शादी के लिए कुल 16 मुहूर्त हैं।1,2,3,4,6,8, 9,10,11,13,17, 18,19,23,24 और 25। जून: विवाह के लिए विवाह के नौ मुहूर्त हैं।13,14,15,25,26,27,28,29 और 30। नवंबर: साल के 11वें माह में विवाह के मात्र तीन मुहूर्त हैं। 26,29और 30। दिसंबर: विवाह के आठ मुहूर्त हैं।1,2,6,7,8,9,10 और 11। खरमास में क्या न करें खरमास में गृह प्रवेश,गृह निर्माण,नये बिजनेस का प्रारंभ,शादी,सगाई,वधू प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। जब भी हम कोई मांगलिक कार्य करते हैं तो उसके फलित होने के लिए गुरु का प्रबल होना जरूरी है।धनु एवं मीन बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं।खरमास के समय सूर्य इन दोनों राशियों में होते हैं,इसलिए शुभ कार्य नहीं होते।इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है।चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से प्रारंभ हो रही है।इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ होगी।चैत्र नवमी दो अप्रैल को है।