जलस्तर कम है, काम करने का उत्तम मौका: डीसी
धनबाद: जल शक्ति अभियान के अंतर्गत धनबाद में किये जा रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए आये सेंट्रल टीम के नोडल अफसर आनंद शेरखानी, ब्लॉक नॉडल अफसर कमलेश त्रिपाठी व टेक्नीकल अफसर विनय विद्यापति ने मंगलवार को तोपचांची झील का भी निरीक्षण किया.तोपचांची झील की सुंदरता तथा यहां से जलापूर्ति की 95 वर्ष पूर्व की इंजीनियरिंग को देखकर उन्होंने कहा कि यह हेरिटेज डैम और हमारी धरोहर है.श्री शेरखानी ने झरिया वाटर वर्क्स द्वारा निर्मित तोपचांची झील के कंसलटिंग इंजीनियर जी.बी. विलियम्स तथा कंसलटिंग इंजिनियर्स जे.एस. जैक्सन, जे.आर. टेलर एवं बाबू जे.सी. मुखर्जी की तकनीक की खूब सराहना की.उन्होंने डैम में गेट खोलने की तकनीक को भी देखा.

तोपचांची डैम का लोकार्पण बिहार एवं उड़ीसा के महामहिम सर हेनरी व्हीलर द्वारा 15 नवंबर 1924 को किया गया था.निरीक्षण के पश्चात श्री शेरखानी ने कहा यहां 3 दिशाओं से पानी को रिचार्ज करने की शत-प्रतिशत संभावना है. बरसात के दिनों में यहां से बहने वाले झरने को डायवर्ट कर जल स्तर को और भी बढ़ाया जा सकता है. एक सुंदर लेआउट तैयार कर इस स्थल को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनाया जा सकता है.
डीसी अमित कुमार ने कहा कि अभी झील का जलस्तर नीचे है. इसके गहरीकरण कार्य करने का यह उत्तम मौका है. उन्होंने कहा कि वर्तमान जल स्तर को रेखांकित कर वर्षा के बाद पुनः उसे मापा जाये, जिससे जलस्तर में हुई वृद्धि की जानकारी मिल सके.
निरीक्षण के दौरान आनंद शेरखानी, विनय विद्यापति, कमलेश त्रिपाठी, डीसी अमित कुमार, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, डीडीसी शशि रंजन, अपर नगर आयुक्त संदीप कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर, तोपचांची बीडीओ समेत अन्य अफसर उपस्थित थे.
टीम ने किया मदयडीह तालाब का निरीक्षण
तोपचांची से लौटने के बाद टीम ने तोपचांची प्रखंड के मदयडीह तालाब का भी निरीक्षण किया. यहां जारी मिट्टी कटाई को देखकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.