प्रिंस खान पर कसेगा शिकंजा , इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस की मांग; दुबई, ओमान या पाकिस्तान में छिपा गैंगस्टर?
धनबाद के गैंगस्टर प्रिंस खान की तलाश में झारखंड ATS ने इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। दुबई, ओमान और पाकिस्तान में छिपे होने की चर्चाओं के बीच ATS उसकी सही लोकेशन पता लगाने में जुटी है।
HighLights
- प्रिंस खान की तलाश में झारखंड ATS ने इंटरपोल से मांगी मदद
- ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने का किया गया आग्रह
- दुबई, ओमान और पाकिस्तान में छिपे होने की अलग-अलग सूचनाएं
- फर्जी पासपोर्ट बनाकर 2021 में विदेश भागने का आरोप
- लोकेशन ट्रेस होते ही गिरफ्तारी प्रक्रिया होगी शुरू
रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड में कारोबारियों, कोयलांचल क्षेत्र और पुलिस प्रशासन के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने गैंगस्टर प्रिंस खान की तलाश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने उसकी सटीक लोकेशन पता लगाने के लिए इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने का आग्रह किया है। ATS का मानना है कि सही लोकेशन मिलते ही उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
यह भी पढ़ें: धनबाद: BCCL की महेशपुर साइलो के नीचे ‘काला सुरंग नेटवर्क’! 350 करोड़ की परियोजना और रेलवे लाइन पर खतरा!
दरअसल, गैंगस्टर प्रिंस खान लगातार सोशल मीडिया के जरिए अपनी मौजूदगी दिखाता रहा है। कभी वह खुद को दुबई में बताता है, कभी ओमान में होने का दावा करता है। वहीं, उसके नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि वह पाकिस्तान के बहावलपुर में छिपा हो सकता है। विरोधाभासी सूचनाओं के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी सटीक लोकेशन पता करना चुनौती बना हुआ है।
फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागने का आरोप
नन्हे खान हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद धनबाद पुलिस ने जब उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की, तब जांच में सामने आया कि वह फर्जी दस्तावेजों की मदद से पासपोर्ट बनाकर 24 नवंबर 2021 को विदेश भाग गया। बताया जाता है कि उसने अपना नाम बदलकर हैदर अली कर लिया था और उसी पहचान के जरिए विदेश पहुंचा। जांच एजेंसियों को शुरुआती इनपुट मिले थे कि उसने दुबई में शरण ले रखी है, लेकिन समय-समय पर उसके अलग-अलग देशों में मौजूद होने की सूचनाएं सामने आती रहीं। यही कारण है कि अब ATS ने इंटरपोल के जरिए उसकी अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग तेज करने की रणनीति अपनाई है।
क्या होता है ब्लू कॉर्नर नोटिस?
ब्लू कॉर्नर नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी किया जाने वाला ऐसा नोटिस है, जिसका उद्देश्य किसी संदिग्ध या आरोपी व्यक्ति की पहचान, गतिविधियों और लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाना होता है। यह गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, बल्कि सदस्य देशों की पुलिस एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और व्यक्ति की मूवमेंट ट्रैक करने का माध्यम होता है। अगर किसी आरोपी के विदेश में छिपे होने की आशंका हो और उसकी सटीक लोकेशन स्पष्ट न हो, तब अक्सर ब्लू कॉर्नर नोटिस का इस्तेमाल किया जाता है।
कई टीमें जुटीं, लगातार खंगाले जा रहे इनपुट
ATS सूत्रों के अनुसार, प्रिंस खान के नेटवर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों, विदेश संपर्कों और तकनीकी इनपुट की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए कई टीमें समानांतर रूप से काम कर रही हैं।ATS एसपी राजकुमार मेहता ने कहा कि प्रिंस खान पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है और उसकी सटीक लोकेशन हासिल करने के लिए इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने का आग्रह दोबारा किया गया है।
अब नजर इस बात पर है कि इंटरपोल से मिलने वाले इनपुट और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से झारखंड पुलिस इस फरार गैंगस्टर तक कब पहुंच पाती है।






