‘गन प्वाइंट पर लिया गया नीतीश कुमार से इस्तीफा…’ आनंद मोहन के बयान से बिहार की राजनीति में भूचाल

मुजफ्फरपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ‘गन प्वाइंट’ पर इस्तीफा लिया गया था। उन्होंने जदयू नेताओं और NDA की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।

‘गन प्वाइंट पर लिया गया नीतीश कुमार  से इस्तीफा…’ आनंद मोहन के बयान से बिहार की राजनीति में भूचाल
‘जिसका दरबार लगता था, उसे दरबारी बना दिया।

HighLights

  • आनंद मोहन ने दावा किया- ‘गन प्वाइंट पर लिया गया था नीतीश कुमार का इस्तीफा’
  •  NDA नेतृत्व को चेतावनी, बोले- ऐसे हालात गठबंधन के लिए भी नुकसानदायक
  • महाराणा प्रताप महोत्सव की तैयारियों को लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे आनंद मोहन

मुजफ्फरपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में उस समय नया सियासी भूचाल आ गया, जब पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा और विवादित बयान दे दिया। मुजफ्फरपुर के जीरो माइल स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री से ‘गन प्वाइंट पर इस्तीफा’ लिया गया था और उनके ही करीबियों ने उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने का काम किया।

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फ्रेंड्स ऑफ आनंद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से 28 जून को सीतामढ़ी में प्रस्तावित महाराणा प्रताप महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की जा रही थी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन के बयान ने राजनीतिक चर्चा का केंद्र बदल दिया।अपने संबोधन में आनंद मोहन ने कहा कि बिहार में मुश्किल से सुशासन की स्थापना हुई, लेकिन कुछ ‘बेईमान’ और ‘चाटुकार’ नेताओं ने मिलकर ऐसी स्थिति बना दी कि एक स्थापित नेता को दरबारी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस नेता के दरबार में कभी बड़े-बड़े लोग पहुंचते थे, आज उसी को छोटे नेताओं के यहां जाना पड़ रहा है।

उन्होंने बिना किसी नेता का नाम लिए जदयू के कुछ नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग एनडीए को कमजोर करने में लगे हुए हैं। आनंद मोहन ने दावा किया कि यदि अभी चुनाव हो जाए तो गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है।अपने भाषण में उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, जिन्होंने स्थापित नेतृत्व को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक सम्मान का सवाल है।

आनंद मोहन ने यह भी कहा कि उनका किसी समाज से संघर्ष का इरादा नहीं है, लेकिन यदि कोई उन्हें या उनके समर्थकों को चुनौती देता है तो वे पीछे हटने वालों में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उन्हें छेड़ने की कोशिश करने वालों को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आनंद मोहन का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति पहले से ही कई मुद्दों पर गरम है। ऐसे में उनके बयान से जदयू और एनडीए की राजनीति में नई बहस शुरू हो सकती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर हरि किशोर प्रसाद सिंह ने की जबकि संचालन फ्रेंड्स ऑफ आनंद के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।