दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ ने किशनगंज में बनवाया था पासपोर्ट, बांग्लादेश के रास्ते आया भारत

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली(40) को सोमवार रात पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से अरेस्ट किया है। उसके पास से AK 47 मैग्जीन, कारतूस, दो पिस्टल, एक ग्रेनेड बरामद किया गया है।  दिल्ली की एक कोर्ट ने मंगलवार 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। 

दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ ने किशनगंज में बनवाया था पासपोर्ट, बांग्लादेश के रास्ते आया भारत
  • बिहार से पहचान पत्र, नूरी के नाम से पासपोर्ट व गाजियाबाद में किया शादी
  • पीर मौलाना का चोला ओढ़ा और रचाई शादी
  •  दिल्ली को दहलाने की थी साजिश
  • कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा
  • 2004-05 में पाकिस्तान से निकला
  •  भारत में बदलता रहा है अपना ठिकाना

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली(40) को सोमवार रात पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से अरेस्ट किया है। असरफ यहां अली अहमद नूरी के नाम से रह रहा था। उसके पास से AK 47 मैग्जीन, कारतूस, दो पिस्टल, एक ग्रेनेड बरामद किया गया है। दिल्ली की एक कोर्ट ने मंगलवार 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। 

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) हैंडल कर रही थी अशरफ को
असरफ10 सालो से भी ज्यादा समय से भारतीय नागरिक के रुप में दिल्ली में रह रहा था। उसने अहमद नूरी के फर्जी नाम से कई तरह के पहचान पत्र बना लिए थे। भारत में रहकर आतंकियों की स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करने का दावा किया है।अशरफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) हैंडल कर रही थी। आईएसआई ने ही एक दशक पहले अशरफ को बांग्लादेश के रास्ते सिलिगुड़ी बॉर्डर से भारत में इंट्री कराया था। दिल्ली पाकिस्तानी नागरिक अशरफ ने अब तक किन-किन आतंकवादियों को अंजाम दिया व किन-किन लोगों की मदद ले रहा था, इसकी भी जांच हो रही है। 

पूर्व में भी कई आतंकी गतिविधियों में था शामिल 

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने मंगलवार को बताया कि अब तक की पूछताछ और छानबीन में पता चला है कि इस आतंकी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेंड किया गया है। मोहम्मद अशरफ उर्फ अली बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था। वह फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पहचान पत्र हासिल करके 10 साल से भारत में रह रहा था। पाक आईएसआई हैंडलर जिसका कोड नाम नासिर था, उसने ही इसे भर्ती किया। वही उसे निर्देश दे रहा था। वह पूर्व में भी कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला आतंकी जम्मू-कश्मीर के कई हमलों का सस्पेक्ट है। दिल्ली और उसके आसपास अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए वह 'पीर मौलाना' का वेश भी बना रहा था। 
अहमद नूरी के नाम पर पासपोर्ट
असरफ ने अहमद नूरी के नाम से पासपोर्ट बनावाकर सऊदी अरब और थाईलैंड गया था। भारतीय पहचान पत्र बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली इलाके में एक भारतीय महिला से शादी भी कर ली थी। बिहार के किशनगंज से पहचान पत्र भी बना लिया था। उसी पहचान पत्र के आधार पर उसने अन्य के पहचान पत्र बनवाये। उसने भारतीय दस्तावेज जुटा लेने के बाद उस महिला को छोड़ दिया जिससे शादी की थी।

किशनगंज में बनवाया था पहचान पत्र

अशरफ ने दस सालों में पांच-छह ठिकाने बदले। वह किसी एक जगह पर लंबे समय तक नहीं रहता था। भारत आने के बाद अशरफ ने कई फर्जी आईडी बनवाये, जिनमें से एक अहमद नूरी के नाम से था। उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था। थाईलैंड और सऊदी अरब की यात्रा भी की थी। उसने दस्तावेजों के लिए गाजियाबाद में एक भारतीय महिला से शादी की थी। बिहार में भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिया था। पाकिस्तान आतंकी मो. अशरफ के पास से जो पहचान पत्र मिला है वो बिहार के किशनगंज जिले का बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस को आतंकी के पास से जो पहचान पत्र मिला है उसमें किशनगंज का पता लिखा हुआ है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस ने बिहार पुलिस से इनपुट शेयर किया है।बिहार पुलिस हेडक्वार्टर ने आनन-फानन में इसी इनपुट को आधार मानते हुए पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस हेडक्वार्टर ने निर्देश दिया है कि पड़ताल की जाए कि आखिर बिहार के अंदर पाकिस्तानी आतंकी ने कैसे फर्जी दस्तावेज बनवा लिया। आखिर इस काम में उसकी मदद किसने की। बिहार में किन लोगों ने उसे संरक्षण दिया।

लोगों की करता रहा झाड़-फूंक
अशरफ कुछ साल से दिल्ली और आसपास में पीर मौलाना के रूप में रह रहा था। लोगों को झाड़-फूंक किया करता था। यह राजस्थान के अजमेर, जम्मू-कश्मीर के उधम नगर, दिल्ली के वर्ल्ड सिटी और लक्ष्मी नगर, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली इलाके में रहा है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल इलाके का निवासी अशरफ के माता-पिता की मौत हो गई है। इसके दो भाई और तीन बहनें हैं। यह 2004-05 में पाकिस्तान से निकला है। 

असरफ 2014 में भारत में पासपोर्ट बनवाया था। उसके पास पैसे हवाला के माध्यम से आते थे।भारत में फर्जी तरीके से कागजात बनवाकर देश के कई ठिकानों पर रहा है। पीर मौलाना का काम दिल्ली के आसपास करता था।आतंकी अशरफ ने गाजियाबाद के वैशाली की एक लड़की से शादी भी की थी लेकिन ठिकाना बदलने के साथ ही लड़की को छोड़ दिया। दिल्ली-एनसीआर, जम्मू, अजमेर व उधम नगर में रह चुका है। अजमेर में एक मस्जिद में रहा था। जहां रह रहा था वहां के लोग भी इसे नहीं जानते थे।सबसे पहला पहचान पत्र बिहार के पते पर बनवाया था।