PMO का नया पता ‘सेवा तीर्थ’: साउथ ब्लॉक बना इतिहास, 13 फरवरी को PM मोदी करेंगे भव्य उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को नए सरकारी परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन करेंगे। साउथ ब्लॉक से PMO के स्थानांतरण के साथ भारत के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होगा।
- औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़ा भारत, अब ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी सरकार
नई दिल्ली ( Threesocieties.com Desk)। दशकों तक देश की सत्ता और बड़े प्रशासनिक फैसलों का गवाह रहा साउथ ब्लॉक अब इतिहास बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को नए सरकारी परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
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Tomorrow, 13 Feb 2026, the history of independent India takes a new turn.
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) February 12, 2026
The iconic PMO “Prime Minister’s Office” moves from the British era South Block to its new address, #SevaTeerth”.
Incidentally, on this very day in 1931, that is 13 February 1931, the British had declared… pic.twitter.com/vPU75mxY7V
इस नए परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय एक ही स्थान पर स्थित होंगे।अब तक ये अलग-अलग भवनों में संचालित हो रहे थे।
ऐतिहासिक तारीख से जुड़ा खास संयोग
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि 13 फरवरी 2026 स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय होगा। संयोग से 13 फरवरी 1931 को अंग्रेजों ने नई दिल्ली को औपनिवेशिक भारत की राजधानी घोषित किया था।उनके मुताबिक, “साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का यह सफर औपनिवेशिक विरासत से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भारत की ओर निर्णायक कदम है।”
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार हुआ परिसर
यह पूरा विकास सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया गया है। पहले सरकारी मंत्रालय और कार्यालय अलग-अलग भवनों में फैले हुए थे, जिससे—
प्रशासनिक समन्वय में कठिनाई
संचालन में अक्षमता
रखरखाव लागत में वृद्धि
कर्मचारियों के लिए अनुपयुक्त कार्य वातावरण
जैसी समस्याएं सामने आती थीं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने सभी प्रमुख कार्यालयों को एकीकृत परिसर में स्थानांतरित करने का फैसला लिया।
कर्तव्य भवनों में कौन-कौन से मंत्रालय?
कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में कई प्रमुख मंत्रालय कार्यरत होंगे, जिनमें शामिल हैं:
वित्त मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
शिक्षा मंत्रालय
विधि एवं न्याय मंत्रालय
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
संस्कृति मंत्रालय
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
जनजातीय कार्य मंत्रालय
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
आधुनिक, डिजिटल और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर
नया परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस है:
डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय प्रणाली
केंद्रीकृत स्वागत और सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र
स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत सुरक्षा नेटवर्क
आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना
पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
चार-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन
नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां
जल संरक्षण तंत्र
अपशिष्ट प्रबंधन समाधान
उच्च प्रदर्शन वाली ऊर्जा दक्ष भवन संरचना
इन उपायों से पर्यावरणीय प्रभाव में कमी और परिचालन दक्षता में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री करेंगे जनसभा को संबोधित
उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को सेवा तीर्थ परिसर में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसे प्रशासनिक सुधार और ‘नए भारत’ के विज़न की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या बदलेगा?
सरकार का दावा है कि इस कदम से—
निर्णय प्रक्रिया तेज होगी
मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय होगा
नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा मिलेगा
प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता में सुधार होगा
निष्कर्ष
साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का यह बदलाव सिर्फ भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन प्रणाली के आधुनिकीकरण और औपनिवेशिक प्रतीकों से आगे बढ़ने का संदेश है। 13 फरवरी 2026 को देश एक नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत का साक्षी बनेगा।






