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नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (गति शक्ति) के पद पर पदस्थापित एके खंडेलवाल को पूर्व मध्य रेल के जीएम बनाया गया है। उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है। 

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एके खंडेलवाल इंडियन रेलवे इंजीनियरिंग सर्विस के 1987 बैच के  ख्याति प्राप्त अफसर हैं। उन्होंने एम.एन.आई.टी., जयपुर से सिविल इंजीनियरिंग संकाय में ग्रेजुएशन तथा आई.आई.टी, रूड़की से एम.टेक की डिग्री प्राप्त किया है। 34 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी देख-रेख में भारतीय रेल के कई महत्वपूर्ण पुलों, इमारतों और रेलवे ट्रैक सहित अन्य निर्माण परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उन्होंने दक्षिण मध्य रेलवे में एईएन/बेल्लमपल्ली के रूप में रेलवे में सेवा की शुरूआत की और उसके बाद  दक्षिण रेलवे, उत्तर रेलवे, रेलवे बोर्ड तथा चुनौतीपूर्ण उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट में अपनी महत्वपूर्ण सेवा दे चुके हैं। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण के रूप में कार्य करते हुए दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

एके खंडेलवाल ने रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक/ट्रैक मशीन के रूप में कार्य करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में भारत को ट्रैक मशीन के आयातक से निर्यातक में बदल दिया। वर्ष 2016-17 में रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक/एनएफआर के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने भारतीय रेल को गैर-किराया राजस्व के रूप में रु. 10,368 करोड़. प्राप्त करवाया, जो कुल राजस्व का 6.2 प्रतिशत था।इनकी कौशल क्षमता को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने गति शक्ति निदेशालय के पहले प्रधान कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया। इस पद पर कार्य करते हुए उन्होंने परियोजनाओं की योजना बनाने, मंजूरी देने और निगरानी करने के लिए दूरदर्शी एवं सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जिसके परिणामस्वरूप इंडियन रेलवे द्वारा वर्ष 2022-23 में सर्वाधिक रेलवे ट्रैक की कमीशनिंग की गयी। इनकी खेलकूद के क्षेत्र में भी गहरी रूचि है तथा राज्य स्तर पर बास्केटबॉल भी खेल चुके हैं।